Class 12th Geography लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर ( 20 Marks ) PART – 4


61. अनुदान क्या होता है? (What is grant ?)

उत्तर ⇒ अनुदान वह आर्थिक सहायता है, जो राज्य, शासन आधिकारिक संस्था आदि की ओर से विशेष कार्य के लिए किसी व्यक्ति या संस्था को दी जाती है।


62. भारत में किन्हीं दो व्यावसायिक संवर्गों का उल्लेख करें। (Mention any two occupational categories in India.)

उत्तर ⇒ दो व्यावसायिक संवर्ग निम्नलिखित हैं –

(i) प्राथमिक व्यवसाय (Primary Occupation)—इसके अंतर्गत आखेट, भोजन संग्रह, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन, मछली पकड़ना, वनों से लकड़ी काटना, कृषि एवं खनन कार्य सम्मिलित किए जाते हैं। प्राथमिक कार्यकलाप करने वाले लोग लाल कॉलर श्रमिक कहलाते हैं, क्योंकि उनका कार्य क्षेत्र घर से बाहर होता है।

(ii) द्वितीयक व्यवसाय (Secondary Occupation) द्वितीयक गतिविधियाँ प्रकृति में पाए जाने वाले कच्चे माल का रूप बदलकर उसे मूल्यवान बना देती है। कपास से वस्त्र, गन्ना से चीनी बनाना, लौह-अयस्क से इस्पात बनाना, लकड़ी से फर्नीचर बनाना इत्यादि द्वितीयक व्यवसाय हैं। इस प्रकार द्वितीयक क्रियाएँ विनिर्माण, प्रसंस्करण और निर्माण (अवसंरचना) उद्योग से संबंधित है।


63. स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को वर्गीकृत करें। (Classify industries on the basis of ownership.)

उत्तर ⇒ स्वामित्व के आधार पर उद्योगों के निम्नलिखित चार वर्ग हैं

(i) सार्वजनिक
(ii) निजी
(iii) सहकारी और
(iv) संयुक्त


64. प्रशासनिक नगर क्या है? उपयुक्त उदाहरण दें। (What are Administrative Towns ? Give suitable examples.)

उत्तर ⇒ राष्ट्रों तथा राज्यों की राजधानियाँ जहाँ केंद्रीय सरकार या प्रांतीय सरकार के प्रशासनिक कार्यालय होते हैं, उन्हें प्रशासनिक नगर कहा जाता है जैसे—नई दिल्ली (भारत), केनबेरा (ऑस्ट्रेलिया), बीजिंग (चीन) इत्यादि। राज्यों में भी प्रशासनिक कार्य वाले नगर होते हैं, जैसे—पटना (बिहार), चेन्नई (तमिलनाडु) इत्यादि।


65. सुरक्षा नगर को दो उपयुक्त उदाहरणों के साथ परिभाषित करें। (Define defence town with two suitable examples.)
उत्तर ⇒ किसी देश की सुरक्षा के लिए बसाये गये नगर को सुरक्षा नगर कहते हैं। इनमें फौजी छावनी. नौसेना केन्द्र. सैनिक अड्डे या युद्धपोतों के लिए विशिष्ट बंदरगाह या गोदी इत्यादि सम्मिलित हैं। अम्बाला छावनी नगर है और कोच्चि नौसेना केन्द्र है।


66. किसी नगरीय संकुल की पहचान किस प्रकार की जा सकती है ? (How can an urban agglomeration be identified ?)

उत्तर ⇒ नगरीय संकुल (समूह) सतत नगरीय फैलाव होता है। यह बहुसंख्यक महानगर (Metropolitan city) या वृहत् नगर (mega city) के रूप में विकसित होता है, जिनकी जनसंख्या । क्रमशः 10 लाख से 50 लाख और 50 लाख से अधिक होती है। किसी नगरीय संकुल की पहचान निम्नलिखित में से किसी एक के रूप में हो सकती है—(क) एक नगर तथा उसका संलग्न नगरीय बहिर्वद्ध (outgrowth), (ख) बहिर्वद्ध के सहित या रहित दो अथवा अधिक संस्पर्शी नगर (satellite towns) और (ग) एक या अधिक संलग्न नगरों के बहिर्वद्ध से युक्त एक संस्पर्शी प्रसार नगर का निर्माण।


67. अलौह धातुओं के नाम बताएँ और उनके स्थानिक वितरण की चर्चा करें। (Name non-ferrous metals and discuss their distribution.)

उत्तर ⇒ अलौह धातुएँ वे धातु हैं, जिनमें लोहे का अंश नहीं होता, जैसे— बॉक्साइट, ताँबा, सोना, चाँदी, सीसा, जस्ता इत्यादि। इनमें बॉक्साइट और ताँबा के निक्षेप भारत में महत्त्वपूर्ण हैं।

बॉक्साइट – बॉक्साइट का उपयोग एलुमिनियम बनाने में किया जाता है। उड़ीसा बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक है, जहाँ कालाहांडी और संभलपुर अग्रणी क्षेत्र हैं । बोलनगीर और कोरापुट अन्य क्षेत्र हैं। इनके अतिरिक्त झारखंड के लोहरदगा और पलामू, गुजरात के भावनगर और जामनगर, छत्तीसगढ़ में अमरकंटक पठार, मध्यप्रदेश में कटनी, जबलपुर और बालाघाट और महाराष्ट्र के कोलाबा, थाणे, रत्नागिरी, सतारा, पुणे तथा कोल्हापुर महत्त्वपूर्ण उत्पादक हैं।

ताँबा – ताँबा निक्षेप मुख्यतः झारखंड के सिंहभूम, मध्यप्रदेश के बाला घाट तथा राजस्थान के झुंझुनु एवं अलवर जिलों में पाये जाते हैं। ताँबा एक बहुत उपयोगी खनिज है, जिससे विद्युत् उपकरण, विद्युत् की मोटरें, ट्रांसफार्मर, जेनरेटर्स इत्यादि बनता है।


68. जीवन पर्यंत प्रवासी और पिछले निवास के अनुसार प्रवासी में अंतर स्पष्ट कीजिए। (Differentiate between life time migrant and migrant by last residence.)

उत्तर ⇒ भारत की जनगणना में प्रवास की गणना दो आधारों पर की जाती है—(अ) जन्म का स्थान और (ब) निवास का स्थान । यदि जन्म का स्थान गणना के स्थान से भिन्न है, तो इसे जीवनपर्यंत प्रवासी के नाम से जाना गया है। यदि निवास का पिछला स्थान. गणना के स्थान से भिन्न है, तो इसे निवास के पिछले स्थान से प्रवासी के रूप में जाना जाता है। 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में 30.7 करोड़ (30%) प्रवासी अपने जन्म के स्थान से अलग रह रहे थे, जबकि 31.5 करोड़ (31%) अपने पिछले निवास स्थान से अलग रह रहे थे।


69. मानव विकास सूचकांक को विकसित करने वाले चरों के नाम लिखिए। (Name the variables which determine human development index.)

उत्तर ⇒ मानव विकास सूचकांक को विकसित करने वाले चरों में राष्ट्रीय आय, पूँजी निर्माण दर, लोगों के आर्थिक कल्याण और रहन-सहन का स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सशक्तिकरण इत्यादि मुख्य है।


70. वृद्धि और विकास में अंतर स्पष्ट करें। (Distinguish between growth and development. )

उत्तर ⇒ वृद्धि और विकास दोनों समय के संदर्भ में परिवर्तन को इंगित करते हैं। अंतर यह है कि वृद्धि मात्रात्मक और मूल्य निरपेक्ष है, जो धनात्मक या ऋणात्मक हो सकती है, जबकि विकास का अर्थ गुणात्मक परिवर्तन से है, जो सदैव धनात्मक और मूल्य सापेक्ष होता है।


71. उत्तरी भारत के अधिकांश राज्यों में मानव विकास के निम्न स्तरों के दो कारण बताइए। (Give two reasons for low levels of human development in most of the northern states of India.)

उत्तर ⇒ उत्तरी भारत के अधिकांश राज्यों में मानव विकास के निम्नस्तर के निम्नलिखित दो महत्त्वपूर्ण कारण हैं

(क) गरीबी (Poverty) — गरीबी वंचित रहने की अवस्था है। यह व्यक्ति की सतत, स्वस्थ और यथोचित उत्पादक जीवन जीने के लिए आवश्यक जरूरतों को संतुष्ट न कर पाने की असमर्थता को प्रतिबिंबित करती है। उड़ीसा और बिहार की 40 प्रतिशत से अधिक और मध्यप्रदेश, सिक्किम, असम, त्रिपुरा, अरुणाचलप्रदेश, मेघालय, नागालैंड की 30 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे हैं। इन सभी राज्यों में प्रति व्यक्ति आय और उपभोग पर खर्च राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। अत: इन राज्यों में मानव विकास का स्तर निम्न है।

(ख) साक्षरता का निम्न स्तर (Low level of literacy)—विकास मुक्ति है और मुक्ति का रास्ता साक्षरता से होकर जाता है। उत्तरी भारत के अधिकांश राज्यों में साक्षरता का स्तर निम्न है। उदाहरणस्वरूप, बिहार में केवल 47.50 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 54.74 प्रतिशत, जम्मू और कश्मीर में 54.46 प्रतिशत और झारखण्ड में 54.13 प्रतिशत व्यक्ति ही साक्षर हैं। इन सभी राज्यों में स्त्री साक्षरता तो और भी निम्न है। अत: इन राज्यों में मानव विकास के स्तर निम्न हैं।


72. भारत में घटते लिंगानुपात के कोई दो कारणों का उल्लेख करें। (Mention any two reasons for declining sex-ratio in India.)

उत्तर ⇒ भारत में घटते लिंगानुपात के निम्नलिखित दो कारण हैं –

(क) सामाजिक दृष्टिकोण भारत में स्त्रियों की अपेक्षा अधिक पुरुष जन्म लेते हैं। भारतीय परिवार पुरुष प्रधान है, जिसमें स्त्रियों का स्थान गौण रह जाता है। तिरस्कार के कारण शैशव काल में स्त्री-मृत्युदर अधिक है। बाल विवाह के कारण प्रसव के समय भी बहुत स्त्रियों की मृत्यु हो जाती है। अतीत काल में स्त्री-शिशुओं की हत्या की प्रथा तथा महामारियों में स्त्रियों की अधिक मृत्यु के कारण लिंगानुपात में कमी होती गई।

(ख) लिंग – निर्धारण की वैज्ञानिक विधि-इस वैज्ञानिक विधि के आने के बाद कन्या भ्रूण की हत्या तेजी से हो रही है। समाज में दहेज आदि कुरीतियों के कारण लोग कन्या का जन्म नहीं चाहते हैं और उन्हें जन्म लेने से पहले ही समाप्त कर दिया जाता है।


73. भारत की जनसंख्या की प्रमुख जनांकिकीय विशेषताएँ कौन-सी हैं ? (What are the main demographic attributes of Indian population ?)

उत्तर ⇒ भारत की जनसंख्या की प्रमुख जनांकिकीय विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

आय-संरचना (Age composition)-आय संरचना से तात्पर्य है आयु के आधार पर जनसंख्या का वर्गीकरण। भारत में 2001 ई० में 10 से 19 वर्ष की आयु वाले किशोरों का प्रतिशत बहुत अधिक (22%) है।

(ii) लिंग-अनुपात (Sex ratio)-इसके अंतर्गत स्त्री-पुरुष अनुपात का अध्ययन होता है और इसे प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या में व्यक्त किया जाता है। भारत में पुरुषों की संख्या स्त्रियों से अधिक है। 2001 में लिंग-अनुपात 933 प्रति हजार है।

(iii) नगरीय और ग्रामीण जनसंख्या (Urban and rural population) – निवास स्थान क आधार पर भारत की 77.2% जनसंख्या ग्रामीण और 27.8% जनसंख्या नगरीय है ।

(iv) कार्यरत और आश्रित जनसंख्या (Working and dependant population)-भारत में 39% जनसंख्या लाभकारी कार्यों में संलग्न है तथा शेष 61% जनसंख्या आश्रित है ।


74. भारत के कुछ राज्यों में अन्य राज्यों की अपेक्षा श्रम सहभागिता ऊँची क्यों है ? (Why is work participation rate higher in some states of India than others.)

उत्तर ⇒ भारत के विभिन्न राज्यों में श्रम सहभागिता दर में विभिन्नता पायी जाती है। जिन राज्यों में खेती पर आश्रित श्रमिकों की संख्या अधिक है, उनमें श्रम सहभागिता अधिक है, क्योंकि आर्थिक विकास के निम्न स्तरों वाले क्षेत्रों में निर्वाह अथवा लगभग निर्वाह की आर्थिक क्रियाओं के निष्पादन के लिए अनेक कामगारों की जरूरत पड़ती है। श्रमिकों के अपेक्षाकृत अधिक प्रतिशत वाले राज्य मिजोरम (53%), हिमाचल प्रदेश (49%), सिक्किम (49%), छत्तीसगढ़ (47%), आंध्रप्रदेश (46%), कर्नाटक (45%) इत्यादि हैं। दूसरी ओर, दिल्ली (33%), उत्तरप्रदेश (33%), बिहार (34%), लक्षद्वीप (25%) और केरल (32%) में श्रम सहभागिता दर अति निम्न है।


75. पुरुष/स्त्री वरणात्मक प्रवास के मुख्य कारण की पहचान कीजिए। (Identify the main reasons for male/female selective migration.)

उत्तर ⇒ पुरुषों और स्त्रियों के लिए प्रवास के कारण भिन्न हैं। आम तौर पर काम और रोजगार पुरुष प्रवास के मुख्य कारण (38%) रहे हैं, जबकि यही कारण केवल 3% स्त्रियों के लिए हैं। इसके विपरीत, 65% स्त्रियों का प्रवास विवाह के कारण होता है, और भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में यह सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कारक है। केवल 2% पुरुष प्रवास विवाह के कारण होता है। मेघालय इसका अपवाद है, जहाँ विवाह के कारण पुरुष प्रवास होता है।


76. उद्गम और गंतव्य स्थान की आयु एवं लिंग संरचना पर ग्रामीण-नगरीय प्रवास का क्या प्रभाव पड़ता है? (What is the impact of rural-urban migration on the age and sex structure of the places of origin and destination?)

उत्तर ⇒ ग्रामीण-नगरीय प्रवास से नगरों में जनसंख्या की वृद्धि होती है और देश में जनसंख्या का पुनर्वितरण होता है। इससे उद्गम और गंतव्य दोनों स्थानों की आयु और लिंग संरचना असन्तुलित हो जाती है। पुरुष वरणात्मक प्रवास के कारण गाँवों में स्त्रियों का अनुपात (लिंग अनुपात) बढ़ जाता है और नगरों में कम हो जाता है। इसी प्रकार, रोजगार के लिए पुरुष प्रवास के कारण नगरों में कार्यशील आयु वर्ग का अनुपात बढ़ जाता है और गाँवों में यह कम हो जाता है।


77. परमाणु ऊर्जा कैसे पैदा की जाती है ? (How is atomic energy produced?)

उत्तर ⇒ परमाणु के विखंडन द्वारा परमाणु ऊर्जा पैदा की जाती है। इसे नाभिकीय ऊर्जा भी कहा जाता है, जो परमाणु के नाभिक में परिवर्तन लाकर प्राप्त की जाती है। परमाण ऊर्जा के उत्पादन में प्रयुक्त होने वाले महत्त्वपूर्ण खनिज यूरेनियम, थोरियम, वैनेडियम, एंटीमनी ग्रेफाइट इत्यादि हैं। ये खनिज भारत के विभिन्न भागों में पाये जाते हैं। इनपर आधारित कई परमाण ऊर्ज केन्द्र देश में स्थापित किए गए हैं, जिनमें तारापुर (महाराष्ट्र), रावत भाटा (राजस्थान), कलपक्कम (तमिलनाडु), नरोरा (उत्तर प्रदेश), कैगा (कर्नाटक) और ककरापाड़ा (गुजरात) मुख्य हैं।


78. भारत में पवन ऊर्जा की संभावनाओं को लिखें। . (Describe the possibility or potentiality of the development of wind energy in India.)

उत्तर ⇒ भारत में पवन ऊर्जा के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। स्थायी वायु प्रणालियों और मानसून पवनों को ऊर्जा के स्रोत के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनके अतिरिक्त स्थानीय हवाओं स्थलीय और जलीय पवनों को भी विद्युत पैदा करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। भारत के तटीय भागों में पवन तेज गति से चला करते हैं। अतः इसके पास एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है जिसमें 45 मेगावाट की कुल क्षमता के लिए 250 वायुचालित टरबाइने स्थापित की जानी है
जो 12 अनुकूल सागरतटीय क्षेत्रों में लगाई जाएगी। इससे भारत 3000 मेगावाट विद्युत का उत्पादन कर सकेगा। खनिज तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए पवन ऊर्जा को विकसित किया जा रहा है।


79. भारत में सौर ऊर्जा की स्थिति का वर्णन कीजिए। (Describe the condition of solar energy in India.)

उत्तर ⇒ अपरंपरागत ऊर्जा के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा कोयला, पेट्रोलियम और नाभिकीय ऊर्जा से अधिक लाभप्रद और प्रभावी है। भारत एक उष्ण कटिबंधीय देश है, जहाँ सूर्य का प्रकाश तीव्र रहता है। अत: भारत में सौर ऊर्जा के विकास की असीम संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रतिवर्ग किमी० क्षेत्र में 20 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावना है। गुजरात में भुज़ के निकट इसका सबसे बड़ा प्लांट लगाया गया है। राजस्थान में भी इसके विकास की संभावना है। भारत में घरेलू उपयोग के लिए इसका प्रयोग हो रहा है। लद्दाख और उत्तरी पूर्वी राज्यों में भी यह विकसित हो रहा है।


80. भारत में पवन ऊर्जा के विकास का एक संक्षिप्त विवरण करें। (Present a short description of the development of wind energy in india.)

उत्तर ⇒ प्रवाहित पवन से उत्पन्न ऊर्जा को पवन ऊर्जा कहा जाता है। यह प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा का असमाप्य स्रोत है। भारत में लगभग 23000 मेगावाट पवन ऊर्जा की उत्पादन क्षमता है। देश में लगभग 90 स्थानों की पहचान पवन ऊर्जा केन्द्र के रूप में की गई है। ये स्थान गुजरात, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और लक्षद्वीप में स्थित हैं। गजरात के कच्छ में लाम्बा का पवन ऊर्जा संयंत्र एशिया का सबसे बडा संयंत्र है।


S.N  Geography लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर ( 20 Marks )
1. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 1
2. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 2
3. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 3
4. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 4
5. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 5
6. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 6
7. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 7
8. Geography ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 8
S.N Geography ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर ) ( 15 Marks )
1. Geography ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ) PART – 1
2.  Geography ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ) PART – 2
3.  Geography ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ) PART – 3
4.  Geography ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ) PART – 4
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