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Class 12th Chemistry

Class 12th Chemistry ( हैलोऐल्केन्स तथा हैलोऐरीन्स )Short Answer Type Question in Hindi Pdf Download Inter Exam 2022

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कार्बनिक रसायन
प्रश्न 1. फ्रियॉन-12 का उपयोग लिखें।

उत्तर⇒ फ्रियॉन के निम्नलिखित उपयोग हैं
(i) दाढ़ी बनाने के क्रीम में,
(ii) कीटनाशक के रूप में,
(iii) एयर कंडीशनर एवं रेफ्रिजरेटर में शीतकारक के रूप में।

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प्रश्न 2. DDT का उपयोग लिखें।

उत्तर⇒ DDT के निम्नलिखित उपयोग हैं-
(i) कीटनाशक के रूप में,
(ii) मलेरियानाशक के रूप में।

प्रश्न 3. कार्बटेट्राक्लोराइड का उपयोग लिखें।

उत्तर⇒ कार्बन टेट्राक्लोराइट के उपयोग निम्न हैं
(i) वसा, तेल एवं रेजीन आदि के लिए विलायक के रूप में।
(ii) अग्निशामक के रूप में।
(iii) क्लोरोफॉर्म बनाने में।
(iv) औषधि के निर्माण में।

प्रश्न 4. आयोडोफॉर्म का उपयोग लिखें।

उत्तर⇒ आयोडोफॉर्म के उपयोग निम्न हैं-
(i) Iodoform का उपयोग घाव भरने के लिए किया जाता है।
(ii) आयोडोफॉर्म का उपयोग घाव की Dressing में होता है।

प्रश्न 5. निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम दीजिए-
(i) CH2CH(Cl)CH(Br)CH3
(ii) CHF2CBrClF
(iii) CICH2C ≡ CCH2Br
(iv) (CCl3)3 CCl
(v) CH3C(p-ClC6H4)2CH(Br)CH5
(vi) (CH3)3CCH = ClC6H4I-p

उत्तर⇒ (i) 2-ब्रोमो-3-क्लोरो ब्यूटेन
(ii) 1-ब्रोमो-1-क्लोरो 1, 2, 2-ट्राइफ्लोरे इथेन
(iii) 1-ब्रोमो-4-क्लोरो ब्यूट-2-आइन
(iv) 2-ट्राइक्लोरो मेथिल-1, 1, 1, 2, 3, 3, 3 हेप्टाक्लोरोप्रोपेन
(v) 2, 2-बिस (4-क्लोरो फेनिल) ब्यूटेन
(vi) 1-क्लोरो-1-4-आयाडोफेनिल)-3, 3-डाइमेथिल ब्यूट-1-इन

प्रश्न 6. वुर्ट्ज-फिटिग तथा फिटिग अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर⇒ वुर्ट्ज-फिटिग अभिक्रिया-एल्किल हैलाइड तथा ऐरिल हैलाइड का मिश्रण, सोडियम के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में गरम करने पर ऐल्किलऐरीन देता है तथा इसे वु-फिटिग अभिक्रिया कहते हैं।
वुर्ट्ज-फिटिग तथा फिटिग अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं
फिटिग अभिक्रिया-रेरिल हैलाइड भी शुष्क ईथर में सेडियम के साथ अभिक्रिया द्वारा सजातीय यौगिक देते हैं, जिसमें दो ऐरिल समूह परस्पर जुड़े रहते हैं। इसे फिटिग अभिक्रिया कहते हैं।
वुर्ट्ज-फिटिग तथा फिटिग अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं
प्रश्न 7. निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएँ लिखिए-

(i) 2-क्लोरो-3-मेथिलपेन्टेन
(ii) 1-क्लोरो-4-एथिलसाइक्लो हेक्सेन
(iii) 4-तृतीयक-ब्यूटिल-3-आयोडोहेप्टेन
(iv) 1, 4-डाइब्रामोब्यूट-2-ईन
(v) 1-ब्रोमो-4-द्वितीयक-ब्यूटिल-2-मेथिल बेन्जीन।

उत्तर⇒ (i) CH3CH2CH(CH3)CHClCH3
(ii)
(iii) CH3CH2CH2CHCH(I)CH2CH3
निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएँ लिखिए
(iv) BrCH2CH = CHCH2Br
(v)निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएँ लिखिए

प्रश्न 8. बेंजिल ब्रोमाइड के निम्नलिखित में परिवर्तन के लिए आवश्यक अकार्बनिक अथवा कार्बनिक अभिकर्मक क्या होगा ?
(a) बेंजिल आयोडाइड
(b) बेंजिल एथिल ईथर
(c) बेंजिल ऐल्कोहॉल
(d) बेंजिल साइनाइड
(e) बेंजिल ऐसीटेट
(f) (नाइट्रोमेथिल) बेंजीन
(g) बेंजिल ट्राइ-n-ब्यूटिल अभिनियम ब्रोमाइड।

उत्तर⇒ (a) NaI
(b) NaOC2H5
(c) NaOH
(d) KCN
(e) NaOCOCH3
(f) AgNO2
(g) Hu3N

प्रश्न 9. क्लोरोबेंजीन का जलांशन अधिक ताप एवं दाब पर होता है लेकिन ट्राई नाइट्रोबेंजीन का जलांशन कमरे के तापक्रम पर होता है। क्यों ?

उत्तर⇒ कार्बन और क्लोरीन के बीच आंशिक द्विबंधन और बेंजीन पर अधिक इलेक्ट्रॉन घनत्व के कारण क्लोरो बेंजीन पर अधिक इलेक्ट्रॉन घनत्व के कारण क्लोरो बेंजीन कम क्रियाशील है, नाभिकीय विस्थापन के लिए (हाइड्रोलाइसिस)-NO2 समूह इलेक्ट्रॉन खींचने वाला है जो C-Cl बंधन की ध्रुवीयता को बढ़ा देता है और हाइड्रोलासिस की क्रियाशीलता को बढ़ा देता है।

क्लोरोबेंजीन का जलांशन अधिक ताप एवं दाब पर होता है

प्रश्न 10. निम्नलिखित यौगिकों के युगलों में से काइरल व एकाइरल यौगिकों की पहचानिए। (वेज तथा डेश निरूपण कक्षा चित्र के अनुसार)

निम्नलिखित यौगिकों के युगलों में से काइरल व एकाइरल यौगिकों की पहचानिए।

निम्नलिखित यौगिकों के युगलों में से काइरल व एकाइरल

उत्तर⇒ 

निम्न का क्या तात्पर्य

प्रश्न 11. आर्थों तथा मैटा आइसोमर की तुलना में P डाइक्लोरोबेंजीन की गलनांक उच्च है और जल में कम घुलनशील है क्यों ?

उत्तर⇒ पैरा आइसोमर संरचना में ज्यादा सरल है जिसके कारण अन्तर आण्विक बल उच्च होता है जिसके कारण अंतर आण्विक बल उच्च होता है। परिणामस्वरूप पैरा आइसोमर का गलनांक उच्च होता है। प्रबल अन्तर आण्विक बल होने के कारण अधिक मात्रा में ऊर्जा की आवश्कता होती है। अतः गलनांक व क्वथनांक उच्च होते हैं। लेकिन घुलनशील कम होती है।

प्रश्न 12. हैलोऐरीन जल में घुलनशील है जबकि बेंजीन में घुलनशील क्यों ?

उत्तर⇒  हैलोऐरीन जल के अणु में हाइड्रोजन आबंध नहीं बनाते और नहीं जल में अणुओं के मध्य उपस्थित हाइड्रोजन आबंधों को तोड़ते, अतः हैलोऐरनी जल में अघुलनशील हैं। अधिक मात्रा में हाइड्रोकर्बन होने के कारण हैलोएंरीन बेंजीन जैसे विलायक में घुलनशील हैं।

प्रश्न 13. एल्केन का मुक्त मूल क्लोरीकरण से एल्किन हैलाइड तैयार नहीं किए जा सकते हैं क्यों ?

उत्तर⇒  प्रयोगशाला में मुक्त मूलक क्लोरीकरण एक उपयुक्त विधि नहीं है क्योंकि
            (i) इस विधि में समावयवों का मिश्रण प्राप्त होता है। समावयवों के क्वथनांक समान होते हैं, जिन्हें अलग करना आसान नहीं है।
            (ii) बहुहैलोजनीकरण के कारण जटील यौगिकों का निर्माण होता है। जिन्हें पृथक करना मुश्किल होता है।

प्रश्न 14. निम्न यौगिकों के IUPAC नाम लिखें-

निम्न यौगिकों के IUPAC नाम लिखें

उत्तर⇒ (i) 3-क्लोरो-5-फ्लोरो-3-5 डाइमिथाइल हैप्टेन ।
(ii) 3-ब्रोमो-5-क्लोरो-3-5 डाइमिथाइल हैप्टेन ।

प्रश्न 15. निम्न अभिक्रियास्वरूप उत्पन्न उत्पाद लिखें-

निम्न अभिक्रियास्वरूप उत्पन्न उत्पाद लिखें

उत्तर⇒ (i) CCl3 में m-स्थिति पर निर्देशन करता है।
निम्न अभिक्रियास्वरूप उत्पन्न उत्पाद लिखें
(ii) CH3CH2Br निम्न अभिक्रियास्वरूप उत्पन्न उत्पाद लिखें CN3– CH2 – CH3 – N          C + AgBr

प्रश्न 16. निम्न में हैलोएल्केन नाभिकरागी विस्थापन दर्शाता है जबकि हैलोएरीन इलेक्ट्रॉनरागी विस्थापन दर्शाता है क्यों ?

उत्तर⇒  हैलोएल्केन, हैलोऐरीन की तुलना में अधिक ध्रुवण गुण दर्शाता है अतः हैलोएल्केन में क्लोरीन परमाणु पर अधिक इलेक्ट्रॉन है। हैलोएल्केन में कोई बेंजीन वल्य नहीं है।


class 12th chemistry Subjective question 2022 

 S.N CHEMISTRY ( रसायन विज्ञान ) SUBJECTIVE
1 ठोस अवस्था
2 विलयन
3 वैधुत रसायन
4 रसायन बलगतिकी
5 पृष्ठ रसायन
6 तत्वों के निष्कर्षण के सामान्य सिद्धांत
7 p-ब्लॉक के तत्व
8 d एवं -ब्लॉक के तत्व
9 उप-सहसंयोजक यौगिक
10 हैलोएलकेन्स तथा हैलोऐरिन्स
11 ऐल्कोहॉल, फीनॉल एवं ईथर
12 ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल
13 ऐमीन
14 बहुलक
15 जैव अणु
16 दैनिक जीवन में रसायनऔर विविध

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