Class 12th Sociology ( समाज-शास्त्र ) ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 1


Q. 1. एक विवाह से आप क्या समझते हैं ?

Ans ⇒ एक विवाह का ऐसा स्वरूप है जिसके अन्तर्गत एक समय में कोई भी एक से अधिक स्त्रियों से विवाह नहीं कर समता। यह विवाह की सभी प्रजातियों में सर्वोत्तम है।


Q. 2. अनुलोम विवाह क्या है ?

Ans ⇒ अनुलोम विवाह उस विवाह को कहा जाता है जिसमें उच्च वर्ण का लडका नि वर्ण की लड़की से विवाह करता है। वैदिक काल में इस विवाह का काफी प्रचलन था। इससे उत्पन्न संतान को पिता का वर्ण मिलता था।


Q. 3. प्रतिलोम विवाह का अभिप्राय क्या है ?

Ans ⇒ प्रतिलोम विवाह इस विवाह को कहा जाता है जिसमें उच्च वर्ण की लड़की का विवाह निम्न वर्ण के लड़के से होता है। ऐसे विवाह को सामाजिक स्वीकृति नहीं मिली हुई थी। इसे घृणा की दृष्टि से देखा जाता था।


Q. 4. कुलीन विवाह क्या है ?

Ans ⇒ वह विवाह जिसके अन्तर्गत एक लड़की का विवाह अपने बराबर या अपने से उच्ची जाति या वंश में होता है, कुलीन विवाह कहलाता है। अतः उच्च कुल की लड़कियों को इसके अन्तर्गत वर खोजने का अवसर कम मिलता है, क्योंकि उनके लिए विवाह का क्षेत्र संकीर्ण होता है। लेकिन इस नियम के अन्तर्गत निम्न कुल की लड़कियों के लिए विवाह का क्षेत्र विस्तृत होता है।


Q. 5. गान्धर्व विवाह क्या है ?

Ans ⇒ वर और कन्या के पारस्परिक प्रेम के फलस्वरूप होने वाले विवाह को गान्धर्व विवाह कहा जाता है। इसमें माता-पिता की अनुमति के बिना ही वर-कन्या विवाह कर लेते हैं। इसका दूसरा नाम प्रेम विवाह है।


Q. 6. प्रजापत्य विवाह को परिभाषित करें।

Ans ⇒ प्रजापत्य विवाह वह विवाह है जिसमें कन्या का पिता वर और वधू को आजीवन धर्म का आचरण करने का आशीर्वाद देकर वर को अपनी कन्या का दान कर देता है।


Q.7. राक्षस विवाह क्या है ?

Ans ⇒ युद्ध में स्त्री का हरण कर जब इससे विवाह किया जाता है तब ऐसे विवाह को राक्षस विवाह कहा जाता है। महाभारत काल से छठी शताब्दी तक राक्षस विवाह का प्रचलन था। लेकिन आज ऐसे विवाह का प्रचलन नहीं है।


Q.8. पैशाच विवाह क्या है ?

Ans ⇒ सोयी हुई, उन्मन्त, मदिरापान की हुई या राह में अकेली जाती हुई लड़की के साथ बलपूर्वक कुकृत्य कर इससे विवाह करना पैशाच विवाह कहलाता हैं विवाह के सभा श्रेणियों में यह सबसे निम्न कोटि का विवाह है।


Q.9. बहुपत्नी विवाह क्या है ?

Ans ⇒ विवाह का वह स्वरूप जिसके अन्तर्गत एक पुरुष को एक पत्नी के रहत हुए अनेक स्त्रियों से विवाह की स्वतंत्रता होती है उसे बहुपत्नी विवाह कहा जाता है। मुसलमानो में अभी भी बहुपत्नी विवाह का प्रचलन है तथा इसे सामाजिक और कानूनी स्वीकृति मिली हुई है। परन्तु हिन्दुओं में एक पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह करना अपराध है।


Q. 10. देवर विवाह से आप क्या समझते हैं ?

Ans ⇒ जब कोई महिला अपने पति की मृत्यु के बाद अपने देवर से विवाह करती है तो उसे देवर विवाह कहा जाता है। टोडा जनजाति में इस विवाह का प्रचलन है।


Q. 11. मुस्लिम विवाह के दो उद्देश्यों का उल्लेख करें।

Ans ⇒ (i) मुस्लिम विवाह वैध रूप से पति-पत्नी को संभोग का अधिकार प्रदान करता है।
(ii) पति-पत्नी के पारस्परिक अधिकारों को मेहर के द्वारा स्थायी रूप प्रदान करता है।


Q. 12. मुताह क्या है ?

Ans ⇒ मुताह मुस्लिम विवाह का एक प्रकार है। यह एक निश्चित अवधि के लिए किया जाता है। अवधि समाप्त होने पर विवाह अपने आप समाप्त हो जाता है। इसमें मेहर की राशि तय की जाती है। इस्लाम द्वारा स्वीकृत होने के कारण मुसलमान ऐसे विवाह को बुरा नहीं मानते हैं।


Q. 13. फासिद विवाह क्या है ?

Ans ⇒ फासिद विवाह मुस्लिम विवाह का एक स्वरूप है। जब विवाह करने में कोई बाधा उत्पन्न होती है और इसे समाप्त किए बिना विवाह कर लिया जाता है तो ऐसे विवाह को फ़ासिद विवाह कहा जाता है।


Q. 14. हिन्दु तथा मुस्लिम विवाह में दो अन्तर बताएँ।

Ans ⇒ (i) हिन्दू विवाह एक धार्मिक संस्कार है, जबकि मुस्लिम विवाह एक सामाजिक समझौता है।
(ii) हिन्दू विवाह में दहेज का प्रचलन है, जबकि मुसलमानों में मेहर का।


Q. 15. मेहर क्या है ?

Ans ⇒ मेहर वह धनराशि है जो विवाह के समय के एक समझौते के प्रतिफल के रूप में पति द्वारा पत्नी को प्रदान की जाती है या जिसका भविष्य में भुगतान करने का वादा किया जाता है। इस पर पत्नी का अधिकार होता है।


Q. 16. खुला क्या है ?

Ans ⇒ खुला मुसलमानों में तलाक का एक प्रकार है। तलाक के इस तरीके में पत्नी ही पति से तलाक की माँग करती है और मेहर लौटाने का वादा करती है। पति यदि इस पर राजी हो जाता है. तो तलाक हो जाता है।


Q. 17. अन्तर्विवाह को परिभाषित करें।

Ans ⇒ प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ही जाति के अन्दर विवाह करने की अनुमति है। इसी को अन्तर्विवाह का नियम कहा जाता है। केतकर ने तो अन्तर्विवाह को जाति व्यवस्था का सारतत्व कहा है। लेकिन इसके अन्तर्गत निकट के रक्त सम्बन्धियों में विवाह नहीं होता है।


Q. 18. बहिर्विवाह को परिभाषित करें।

Ans ⇒ बहिर्विवाह एक ऐसा नियम है जिसके अनुसार व्यक्ति को अपने समूह के बाहर वैवाहिक सम्बन्ध करना पड़ता है। उसे अपने समूह में विवाह की आज्ञा नहीं दी जाती है। ये समूह अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। हिन्दुओं को अपने गोत्र, प्रवर और पिण्ड में विवाह करने की अनुमति नहीं मिलती है। जनजातियों को अपने टोटम में विवाह की अनुमति नहीं मिलती है। अतः स्पष्ट है कि अपने समूह के बाहर विवाह करने का नियम ही बहिर्विवाह कहलाता है।


Q. 19. परिहार नातेदारी सम्बन्ध को स्पष्ट करें। .

Ans ⇒ परिहार नातेदारी की एक रीति है जो दो सम्बन्धियों को एक-दूसरे से दूर रखती है। यह सम्बन्ध पुत्रवधू और ससुर, वधू और जेठ तथा दामाद और सास के बीच पाया जाता है।


Q. 20. युवागृह से आप क्या समझते हैं ?

Ans ⇒ युवागृह जनजातीय समाज की एक महत्वपूर्ण संस्था है। इसके द्वारा निम्नलिखित कार्य संपादित किये जाते हैं
(i) यह एक शैक्षणिक संस्था है, जिसमें समूह की संस्कृति, परंपरा, विश्वासों आदि के अनुसार व्यवहार करना सिखाया जाता है।
(ii) यह जनजातीय संस्कृति के मूलभूत सिद्धांतों से युवक-युवति को बचपन से परिचित कराकर संस्कृति की रक्षा करता है।
(iii) इसके अंतर्गत सदस्य सामूहिक रूप से कार्य करते हैं, जिससे पारस्परिक स्नेह, सद्भाव तथा एकता की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।
(iv) युवागृह आमोद-प्रमोद एवं मनोरंजन की आवश्यकता की पूर्ति करता है। फलतः युवकों के जीवन में नीरसता और निराशा उत्पन्न नहीं होती।


Q.21. परिहास नातेदारी सम्बन्ध को स्पष्ट करें।

Ans ⇒ नातेदारी व्यवस्था के अन्तर्गत कुछ सम्बन्धी ऐसे होते हैं जिनके बीच हँसी-मजाक के सम्बन्ध को मान्यता मिली होती है। यही सम्बन्ध परिहास कहलाता है। जीजा-साली, देवर-भाभी, ननद-भाभी, मामा-भांजा के बीच परिहास का सम्बन्ध पाया जाता है। इनके बीच हँसी-मजाक को बुरा नहीं माना जाता है। इसके वजह से समाज में स्नेह और मधुरता का वातावरण बना रहता है।


Q. 22. सोरेट क्या है ? अथवा, साली विवाह किसे कहते हैं ?

Ans ⇒ वह विवाह, जिसमें पुरुष अपनी पत्नी की बहन के साथ विवाह करता है, साली विवाह कहलाता है। गोंड जनजाति में साली विवाह का प्रचलन है।


Q. 23. समाजशास्त्र शब्द की उत्पत्ति किन दो भाषाओं से हुई है ?

Ans ⇒ सोशियोलॉजी शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द Socius तथा ग्रीक शब्द Logus से हुई हैं ।


Q. 24. धर्मनिरपेक्षतां की दो विशेषताओं का उल्लेख करें। .

Ans ⇒ धर्मनिरपेक्षता की दो विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

(i) व्यक्ति को अपने धर्म के पालन और प्रचार-प्रसार की स्वतंत्रता होती है।
(ii) किसी भी धर्म को राज्य द्वारा राजकीय धर्म घोषित नहीं किया जाता है।


Q.25. भारतीय समाज और संस्कृति की दो विशेषताओं का वर्णन करें।

Ans ⇒ भारतीय समाज और संस्कृति की दो विशेषताएँ हैं –
(i) भारतीय समाज तथा संस्कृति का इतिहास प्राचीन है।
(ii) इसमें आध्यात्मिकता तथा समन्वय एवं सामूहिकता को अधिक महत्व दिया गया है।


Q.26. भारतीय जाति व्यवस्था पर नगरीकरण के प्रभावों का वर्णन करें।

Ans ⇒ नगरीकरण के कारण जाति व्यवस्था के नियमों में शिथिलता आयी है। विभिन्न जाति के लोग एक ही व्यवसाय में साथ-साथ काम करते हैं जिसके चलते जातियों की पारस्पारक दूरी कम हुई है। किसी भी व्यवसाय द्वारां जीविका चलाने के लिए लोग स्वतंत्र हुए हैं। जातियों के बीच खान-पान तथा सम्पर्क के विभेद समाप्त हो गए। व्यक्तिगत योग्यता और कुशलता को अधिक महत्व दिया जा रहा है। फलतः सामाजिक स्तरीकरण का पुराना स्वरूप बदल गया। खला हआ स्तरीकरण अब भारतीय समाज में भी विकसित होने लगा है।


Q.27. बालिकाओं की दो समस्याओं का उल्लेख करें। अथवा, लड़कियों की दो समस्याओं की विवेचना करें।

Ans ⇒ लड़कियों की दो समस्याएँ निम्नलिखित हैं –
(i) लिंग के आधार पर लड़कियों के साथ भेदभाव किया जाता है।
(ii) लड़कियों को घर के कामकाज तक सीमित रखा जाता है। फलतः उनमें शिक्षा खासकर उच्च शिक्षा का अभाव पाया जाता है।


Q.28. प्रधानमंत्री रोजगार योजना क्या है ?

Ans ⇒ बेरोजगारी की समस्या के निराकरण के उद्देश्य से केन्द्रीय सरकार ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना की शुरूआत 2 अक्टूबर, 1993 से की है। इस योजना के द्वारा शहर तथा गाँव के शिक्षित बेरोजगारों को बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जाता है ताकि उन्हें स्वनियोजन का अवसर मिले। बैंकों द्वारा बेरोजगारों को अधिकतम दो लाख रुपए तक ऋण दिया जाता है। सूद की दर कम होती है तथा ऋण को आसान किस्तों में बाँटकर सात वर्षों तक चुकता करनी पड़ती है।


Q. 29. जिला परिषद् के अध्यक्ष को दो कार्यों का वर्णन करें।

Ans ⇒ जिला परिषद् के अध्यक्ष के दो कार्य इस प्रकार है –

(i) यह जिला परिषद् की बैठक का आयोजन, अध्यक्षता तथा उसका संचालन करता है।
(ii) ग्राम पंचायतों तथा पंचायत समिति द्वारा आयी हुई योजनाओं को जिला परिषद् की बैठक में रखना तथा इन योजनाओं को जिला योजना समिति में स्वीकृति हेतु योजना।


Q. 30. स्थानान्तरित खेती क्या है ? अथवा, झूम खेती किसे कहते हैं ?

Ans ⇒ स्थानान्तरित खेती आदिम प्रकार की खेती है जिसमें पहले वृक्षों तथा वनस्पतियों काटकर उन्हें जला दिया जाता है। साफ की गई भूमि को पुराने उपकरणों (लकड़ी के हलों आदि) से जुलाई करके बीज बो दिया जाता है। जब तक मिट्टी की उर्वरता विद्यमान रहती है इस भूमि पर खेती की जाती है। इसके बाद इस भूमि को छोड़ दिया जाता है। और दूसरी जंगली भूमि को साफ करके खेती के लिए भूमि प्राप्त की जाती है और उस पर भी कुछ वर्ष तक खेती की जाती है। इस प्रकार थोड़े-थोड़े समय के अन्तराल पर खेत बदलते रहते हैं। इसी कारण इसे झूम खेती या स्थानान्तरित खेती कहा जाता है। यह खेती पूर्णतः प्रकृति पर निर्भर होती है और इससे उत्पादन भी कम होता है।


S.N Class 12th Sociology ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
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