class 12th political science model paper 2022 ( SET- 1 ) राजनीतिशास्त्र 12th मॉडल पेपर Pdf Download

 


1. भारत में किस वर्ष आंतरिक गड़बड़ी के आधार पर आपातकाल लगाया गया था ?

(A) 1974
(B) 1975
(C) 1977
(D) 1978

Answer ⇒ B

2. संविधान संशोधन का प्रावधान किस अनुच्छे में दिया गया है ?

(A) अनु० 118
(B) अनु० 62
(C) अनु० 368
(D) अनु० 110

Answer ⇒ C

3. संविधान का 42 वाँ संशोधन किसके शासनकाल में पारित कियागया था ?

(A) इंदिरा गाँधी
(B) मोरारजी देसाई
(C) राजीव गाँधी
(D) चौ. चरण सिंह

Answer ⇒ A

4. “विधि’ के शासन का प्रतिपादन किसने किया ?

(A) गार्नर
(B) लॉस्की
(C) डायसी
(D) मौंटेस्क्यू

Answer ⇒ C

5. किस वर्ष राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन हुआ था ?

(A) 1947
(B) 1953
(C) 1950
(D) 1993

Answer ⇒ B

6. किसे ‘सीमान्त गाँधी’ के नाम से जाना जाता है ?

(A) महात्मा गाँधी
(B) इंदिरा गाँधी
(C) खान अब्दुल गफ्फार खाँ
(D) जाकिर हुसैन

Answer ⇒ C

7. भारत में प्रथम कम्युनिष्ट मुख्यमंत्री कौन थे ?

(A) ज्योति बसु
(B) बुद्धदेव भट्टाचार्य
(C) एम० एन० राय
(D) ई० एम० एस० नम्बूदरीपाद

Answer ⇒ D

8. जवाहर लाल नेहरू का निधन किस वर्ष हुआ था ?

(A) 1962
(B) 1963
(C) 1964
(D) 1965

Answer ⇒ C

9. भारतीय जनसंघ के संस्थापक कौन थे ?

(A) डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
(B) अटल बिहारी बाजपेयी
(C) सी. राजगोपालाचारी
(D) वीर सावरकर

Answer ⇒ A

10. ‘नीति आयोग’ का गठन किस वर्ष हुआ था ?

(A) 2013
(B) 2014
(C) 2015
(D) 2016

Answer ⇒ C

11. शिमला समझौता किस वर्ष हस्ताक्षरित हुआ ?

(A) 1971
(B) 1972
(C) 1973
(D) 1974

Answer ⇒ B

12. ‘गरीबी हटाओं’ का नारा किसने दिया ?

(A) इंदिरा गाँधी
(B) राजीव गाँधी
(C) कामराज
(D) सोनिया गाँधी

Answer ⇒ B

13. चिपको आंदोलन से कौन संबंधित है ?

(A) सुनीला नारायण
(B) मेघा पाटकर
(C) सुंदरलाल बहुगुणा
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ C

14. सूचना का अधिकार किस वर्ष अधिनियमितं हुआ ?

(A) 2002
(B) 2006
(C) 2004
(D) 2006

Answer ⇒ B

15. बेझनेव किस देश के राष्ट्रपति थे ?

(A) सोवितय संघ
(B) अमेरिका
(C) फ्रांस
(D) यूगोस्लाविया

Answer ⇒ A

16. गुटनिरपेक्ष राष्ट्रों का प्रथम शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया ?

(A) नई दिल्ली
(B) कैरो
(C) हवाना
(D) बेलग्रेड

Answer ⇒ D

17. सोवियत संघ का विघटन कब हुआ ?

(A) 1988
(B) 1989
(C) 1990
(D) 1991

Answer ⇒ D

18. यूरोपिय संघ कब अस्तित्व में आया?

(A) 1989
(B) 1990
(C) 1993
(D) 1994

Answer ⇒ C

19. सार्क का मुख्यालय कहाँ है ?

(A) नई दिल्ली
(B) थिम्पू
(C) इस्लामाबाद
(D) काठमांडू

Answer ⇒ D

20. बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कौन है ?

(A) कांशीराम
(B) मायावती
(C) सतीश चन्द्र मिश्रा
(D) डॉ. अम्बेडकर

Answer ⇒ A

21. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय कहाँ है ?

(A) बर्लिन
(B) द हेग
(C) जेनेवा
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ B

22. किस वर्ष झारखण्ड राज्य अस्तित्व में आया ?

(A) 2000
(B) 2001
(C) 2002
(D) 2003

Answer ⇒ A

23. भारत में नई आर्थिक नीति किस वर्ष शुरू की गई ?

(A) 1990
(B) 1991
(C) 1992
(D) 1993

Answer ⇒ B

24. भारत में प्रथम आम चुनाव हुआ था

(A) 1952
(B) 1953
(C) 1954
(D) 1955

Answer ⇒ A

25. ताशंकंद समझौता कब सम्पन्न हुआ ?

(A) 1962
(B) 1964
(C) 1966
(D) 1968

Answer ⇒ C

26. राष्ट्रीय विकास परिषद का अध्यक्ष कौन है ?

(A) राष्ट्रपति
(B) उपराष्ट्रपति
(C) प्रधानमंत्री
(D) मुख्य न्यायाधीश

Answer ⇒ C

27. भारत के पहले गृहमंत्री कौन थे?

(A) सरदार पटेल
(B) डा० अम्बेदकर
(C) के० एम० मुंशी
(D) अब्दुल कलाम आजाद

Answer ⇒ A

28. पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री कौन है ?

(A) नवाज शरीफ
(B) परवेज मुशर्रफ
(C) इमरान खान
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ C

29. तृणमूल काँग्रेस किस राज्य का राजनीतिक दल है ?

(A) उत्तर प्रदेश
(B) बिहार
(C) पश्चिम बंगाल
(D) हरियाणा

Answer ⇒ C

30. सुरक्षा परिषद में कितने स्थायी सदस्य हैं ?

(A) 5
(B) 7
(C) 9
(D) 11

Answer ⇒ A

31. विश्व मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है ?

(A) 10 दिसम्बर
(B) 1 मई
(C) 11 अप्रैल
(D) 20 अक्टूबर

Answer ⇒ A

32. बंगलादेश के रूप में नया देश किस वर्ष अस्तित्व में आया?

(A) 1970
(B) 1971
(C) 1972
(D) 1973

Answer ⇒ B

33. राज्यसभा में मनोनित सदस्यों की संख्या है

(A) 12
(B) 13
(C) 21
(D) 15

Answer ⇒ A

34. निम्नलिखित में से कौन भारतीय संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे ?

(A) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(B) के एम०. मुंशी
(C) डॉ. अम्बेदकर
(D) जवाहर लाल नेहरू

Answer ⇒ C

35. भारतीय संविधान का निर्माण किसने किया?

(A) डॉ. अम्बेदकर
(B) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(C) डॉ. सच्चिादानन्द सिन्हा
(D) संविधान सभा

Answer ⇒ A

36. चुनाव आयोग किस प्रकार की संस्था है ?

(A) संवैधानिक
(B) गैर-संवैधानिक
(C) सांविधिक
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ A

37. भारत में कार्यपालिका का संवैधानिक प्रधान कौन है ?

(A) प्रधानमंत्री
(B) राष्ट्रपति-
(C) मुख्यमंत्री
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ A

38. भारत में कुल कितने राज्य है ?

(A) 28
(B) 29
(C) 30
(D) 31

Answer ⇒ B

39. न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार किसे प्राप्त है ?

(A) उच्च न्यायालय
(B) सर्वोच्च न्यायालय
(C) संसद
(D) राष्ट्रपति

Answer ⇒ D

40. इस समय भारत में कौन-सी दलीय व्यवस्था है ?

(A) एक-दलीय व्यवस्था
(B) द्वि-दलीय व्यवस्था
(C) बहुदलीय व्यवस्था
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ D

41. “सम्पूर्ण क्रान्ति’ का नारा किसने दिया था ?

(A) आचार्य कृपलानी
(B) राज नारायण
(C) चन्द्रशेखर
(D) जयप्रकाश नारायण

Answer ⇒ D

42. सार्क की स्थापना किस वर्ष की गयी थी ?

(A) 1970
(B) 1980
(C) 1983
(D) 1985

Answer ⇒ D

43. सौराष्ट्र किस राज्य का अंग है ?

(A) महाराष्ट्र
(B) राजस्थान
(C) कर्नाटक
(D) गुजरात

Answer ⇒ D

44. बिहार विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल क्या है ?

(A) 6 वर्ष
(B) 5 वर्ष
(C) 4 वर्ष
(D) 7 वर्ष

Answer ⇒ A

45. किस देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है ?

(A) अमेरिका
(B) रूस
(C) भारत
(D) जर्मनी

Answer ⇒ C

46. कौन संविधान संशोधन शहरी स्थानीय शासन से जुड़ा है ?

(A) 75 वाँ
(B) 74 वाँ
(C) 73 वाँ
(D) 72 वाँ

Answer ⇒ B

47. संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम एशियाई महासचिव कौन थे ?

(A) बान की मून
(B) यू थांट
(C) कोफी अन्ना
(D) बुतरस घाली

Answer ⇒ A

48. ग्राम कचहरी का प्रधान कौन होता है ?

(A) सरपंच
(B) मुखिया
(C) वार्ड सदस्य
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ A

49. भारत द्वारा दूसरा सफल परमाणु परीक्षण कब किया गया ?

(A) 1971
(B) 1974
(C) 1980
(D) 1998

Answer ⇒ D

50. भारत की पहली महिला राष्ट्रपति कौन थी ?

(A) राबड़ी देवी
(B) सोनिया गाँधी
(C) प्रतिभा पाटिल
(D) इंदिरा गाँधी

Answer ⇒ C

51. किस भारतीय राज्य का अपना संविधान था ?

(A) मणिपुर
(B) नागालैण्ड
(C) हिमाचल प्रदेश
(D) जम्मू और काश्मीर

Answer ⇒ D

52. सार्क में कितने सदस्य देश है ?

(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8

Answer ⇒ D

53. भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य कब बना ?

(A) 1945 में
(B) 1947 में
(C) 1950 में
(D) 1952 में

Answer ⇒ A

54. जनता पार्टी के शासनकाल भारत के प्रधानमंत्री कौन थे ?

(A) चन्द्रशेखर
(B) चरण सिंह
(C) मोरारजी देसाई
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ C

55. किस प्रधानमंत्री ने मण्डल आयोग की सिफारिशों को लागू किया ?

(A) वी. पी. सिंह
(B) अटल बिहारी वाजपेयी
(C) इंदिरा गाँधी
(D) मोरारजी देसाई

Answer ⇒ D

56. भारती राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक कौन थे ?

(A) महात्मा गाँधी
(B) सीमांत गाँधी
(C) ए० ओ० ह्यूम
(D) लार्ड माउन्टबेटेन

Answer ⇒ C

57. किस संविधान संशोधन द्वारा महिलाओं को पंचायत में आरक्षण प्रदान कया गया ?

(A) 42 वाँ
(B) 44 वाँ
(C) 65 वाँ
(D) 73 वाँ

Answer ⇒ D

58. यूरो निम्नलिखित में से किसकी मुद्रा है ?

(A) सार्क देसों की मुद्र
(B) पाकिस्तान की नयी मुद्र
(C)यूरेपिय संघ की मुद्रा
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ C

59. निम्न में से कौन-सा एक देश नहीं है ?

(A) म्यांमारं
(B) भारत
(C) हांगकांग
(D) चीन

Answer ⇒ C

60. उल्फा एक आतंकवादी संगठन है

(A) श्रीलंका का
(B) पाकिस्तान का
(C) भारत का
(D) रूस का

Answer ⇒ C

61. किस अमेरिकी राष्ट्रपति ने नयी विश्व व्यवस्था का चित्र प्रस्तुत किया ?

(A) रिचर्ड निक्सन
(B) जिम्मी कार्टर
(C) रोनाल्ड रीगन
(D) जॉर्ज बुश

Answer ⇒ D

62. भारत किस संगठन का पूर्ण संवादी भागीदार है ?

(A) यूरोपीय संघ
(B) आसियान
(C) आसियान का एशियाई क्षेत्र मंच
(D) किसी का नहीं

Answer ⇒ C

63. शान्ति स्थापना के कार्यों की देख-रेख किस अधिकारी के अधीन है ?

(A) महासभा का अध्यक्ष
(B) सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष
(C) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का अध्यक्ष
(D) महासचिव

Answer ⇒ D

64. शान्ति निर्माण की विधि का प्रयोग सबसे पहले कहाँ हुआ ?

(A) कोरिया के युद्ध में
(B) खाड़ी युद्ध में
(C) कांगो के गृह युद्ध में
(D) इराक युद्ध में

Answer ⇒ C

65. नव-निर्माण आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया ?

(A) महात्मा गाँधी
(B) विनोबा भावे
(C) जयप्रकाश नारायण
(D) राममनोहर लोहिया

Answer ⇒ C

66. अमेरिका का पता किसने लगाया ?

(A) मैगलन
(B) वास्कोडिगामा
(C) कोलम्बस
(D) हेनरी

Answer ⇒ C

67. आई. एम. एफ. और विश्व बैंक ने काम करना कब शुरू किया ?

(A) 1945 ई. में
(B) 1947 ई० में
(C) 1951 ई० में
(D) 1950 ई. में

Answer ⇒ B

68. निम्नांकित में से कौन-सा कथन गुट-निरपेक्ष आंदोलन के उद्देश्यों पर प्रकाश नहीं डालता ?

(A) उपनिवेशवाद से मुक्त हुए देशों को स्वतंत्र नीति अपनाने में समर्थ बनाना
(B) किसी भी सैन्य संगठन में शामिल होने से इनकार करना .
(C) वैश्विक मामलों में तटस्थता की नीति अपनाना
(D) वैश्विक आर्थिक असमानता की समाप्ति पर ध्यान केन्द्रित करना

Answer ⇒ C

69. हम पार्टी का संयोजक कौन है ?

(A) लालू प्रसाद यादव
(B) जीतन राम मांझी
(C) अरबिन्द केजरीवाल
(D) चिराग पासवान

Answer ⇒ B

70. निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है ?

(A) विश्व के सभी देश प्रजातांत्रिक हैं
(B) फ्रांस एक देश है जहाँ राजतंत्र है
(C) संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयार्क में है
(D) ‘A’ तथा ‘B’ दोनों

Answer ⇒ D

71. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव कौन है ?

(A) कोफी अन्नान
(B) शशि थरूर
(C) बान की मून
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ D

72. भारतीय संविधान का किस अनुच्छेद में न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति अंतरनिहित है?

(A) अनुच्छेद 368
(B) अनुच्छेद 13
(C) अनुच्छेद 72
(D) अनुच्छेद 108

Answer ⇒ C

73. बिहार में ‘सम्पूर्ण क्रांति’ का नेतृत्व किसने किया ?

(A) मोरारजी देसाई
(B) नीतिश कुमार
(C) इंदिरा गाँधी
(D) जय प्रकाश नारायण

Answer ⇒ D

74. भारत में हुए 1977 के आम चुनाव में किस राजनीतिक दल को बहुमत मिला था ?

(A) काँग्रेस
(B) जनता पार्टी
(C) जनता दल
(D) भारतीय जनता पार्टी

Answer ⇒ B

75. पर्यावरण के लिए. प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन कहाँ हुआ था ?

(A) सटॉहोम
(B) रियो डी जेनेरियों
(C) न्यूयॉर्क
(D) वाशिंगटन

Answer ⇒ B

76. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई ?

(A) 1942 ई० में
(B) 1945 ई० में
(C) 1950 ई० में
(D) 1952 ई० में

Answer ⇒ B

77. भारतीय संसदीय शासन व्यवस्था में मुख्य कार्यपालिका कौन होता है ?

(A) प्रधानमंत्री
(B) राष्ट्रपति
(C) उपराष्ट्रपति
(D) लोकसभा के अध्यक्ष

Answer ⇒ A

78. पंचायत समिति का प्रमुख कौन होता है ?

(A) मुखिया
(B) सरपंच
(C) पंचायत सेवक
(D) प्रखण्ड प्रमुख

Answer ⇒ D

79. 2015 के विधान सभा चुनाव के बाद बिहार में किस दल ने सरकार बनाई ?

(A) जनता दल (यू.)
(B) राष्ट्रीय जनता दल
(C) काँग्रेस
(D) इनमें से सभी ने

Answer ⇒ D

80. एमनेस्टी इंटरनेशनल किससे सम्बन्धित है ?

(A) बाल श्रम
(B) मानवाधिकार
(C) पर्यावरण
(D) शिक्षा

Answer ⇒ B

81. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय कहाँ अवस्थित है ?

(A) जेनेवा
(B) बर्लिन
(C) न्यूयार्क
(D) हेग

Answer ⇒ D

82. “बीस-सूत्री कार्यक्रम” किस प्रधान प्रधानमंत्री से सम्बन्धित है ?

(A) राजीव गाँधी
(B) इंदिरा गाँधी
(C) वी० पी० सिंह
(D) आई० के० गुजराल

Answer ⇒ B

83. किस संविधान संशोधन के द्वारा पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण प्रदान किया गया’ ?

(A) 42वाँ
(B) 44वाँ
(C) 65वाँ
(D) 73वाँ

Answer ⇒ D

84. ‘सूचना के अधिकार आन्दोलन’ की शुरूआत कहाँ से हुई ?

(A) राजस्थान
(B) दिल्ली
(C) तमिलनाडु
(D) बिहार

Answer ⇒ A

85. भारत में वित्तीय वर्ष होता है

(A) 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक
(B) 1 जुलाई से 30 जून तक
(C) 1 अप्रैल से 31 मार्च तक
(D) 1 सितम्बर से 31 अगस्त तक

Answer ⇒ C

86. भारत में कुल कितने राज्य हैं ?

(A) 26
(B) 27
(C) 28
(D) 29

Answer ⇒ D

87. पहला गुट-निरपेक्ष सम्मेलन. कहाँ हुआ ?

(A) नयी दिल्ली
(B) बेलग्रेड
(C) केरो
(D) हवाना

Answer ⇒ B

88. निम्नलिखित में से कौन-सा देश सार्क का सदस्य है ?

(A) मलेशिया
(B) इन्डोनेशिया
(C) जापान
(D) भारत

Answer ⇒ D

89. यू० एन० ओ० निःशस्त्रीकरण आयोग. कब बना ?

(A) 1945
(B) 1952
(C) 1960
(D) 1965

Answer ⇒ B

90. किस देश ने सुरक्षा परिषद् में निषेधाधिकार का सर्वाधिक बार प्रयोग किया ?

(A) यू० एस० ए०
(B) फ्रांस
(C) रूस
(D) चीन

Answer ⇒ C

91. योजना आयोग को भंग कर कौन-सा आयोग बना ?

(A) नीति आयोग
(B) वित्त आयोग
(C) राज्य वित्त आयोग
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer ⇒ A

92. बिहार विधान सभा में कितने निर्वाचित सदस्य हैं ?

(A) 242
(B) 243
(C) 244
(D) 245

Answer ⇒ B

93. निःशस्त्रीकरण आयोग की रचना कब हुई ?

(A) 1945 में
(B) 1952 में
(C) 1960 में
(D) 1965 में

Answer ⇒ B

94. सिक्किम भारत का हिस्सा कब बना ?

(A) 1967 ई. में
(B) 1970 ई. में
(C) 1973 ई. में
(D) 1975 ई. में

Answer ⇒ D

95. निम्नलिखित में से किस देश ने ‘खुले द्वार की नीति’ अपनाई ?

(A) भारत
(B) ब्रिटेन
(C) पाकिस्तान
(D) चीन

Answer ⇒ D

96. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?

(A) लियाकत अली
(B) ए० ओ० ह्यूम
(C) डब्ल्यू० सी० बनर्जी
(D) जी० के० गोखले

Answer ⇒ C

97. कांग्रेस का विभाजन किस वर्ष हुआ ?

(A) 1967 ई० में
(B) 1969 ई० में
(C) 1968 ई० में
(D) 1970 ई० में

Answer ⇒ A

98. “सामाजिक न्याय के साथ विकास’ का सूत्र किस पंचवर्षीय योजना में अपनाया गया ?

(A) तीसरी पंचवर्षीय योजना
(B) चौथी पंचवर्षीय योजना
(C) पाँचवी पंचवर्षीय योजना
(D) छठी पंचवर्षीय योजना

Answer ⇒ B

99. राष्ट्रीय विकास परिषद् की स्थापना कब हुई ?

(A) 1950 ई० में
(B) 1952 ई० में
(C) 1955 ई० में
(D) 1956 ई० में

Answer ⇒ B

100. हरित क्रान्ति का क्या दुष्प्रभाव हुआ ?

(A) वाणिज्यिक वस्तुओं का अधिक उत्पादन
(B) कृषि का मशीनीकरण
(C) कीटनाशकों का अधिकाधिक प्रयोग
(D) सामाजिक तनावों की बढ़ोतरी

Answer ⇒ D

class 12th political science Question ( लघु उत्तरीय प्रश्न )

1. संविधान की प्रस्तावना का क्या महत्व हैं ? ‘
2. लिखित संविधान का क्या अर्थ है ?
3. मौलिक अधिकार की परिभाषा दें।
4. क्षेत्रीयतावाद से आप क्या समझते हैं ?
5. दो ध्रुवीयता से आप क्या समझते हैं ?
6. मानवाधिकार से आप क्या समझते हैं ?
7. भारतीय प्रधानमंत्री के किन्हीं चार अधिकारों को लिखें।
8. क्षेत्रीय दल से आप क्या समझते हैं ?
9. सुरक्षा परिषद में निषेधाधिकार क्या है ?
10. जल प्रदूषण के कौन-कौन कारण है ?
11. शिमला समझौता का महत्व बताएँ।
12. आर्थिक न्याय क्या है ?
13. द्वितीय पंचवर्षीय योजना के क्या उद्देश्य थे ?
14. दक्षेस क्या है? 15. गुट-निरपेक्ष आंदोलन क्या है ?
16. भूमण्डलीकरण क्या है ?
17. पंचायती समिति के प्रमुख के क्या कार्य हैं ?
18. नगर पंचायत के किन्हीं तीन कार्यों का वर्णन करें।
19. राष्ट्रपति के आपातकालीन अधिकार क्या है ?
20. पर्यावरण संरक्षण क्या है ?
21. राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति कैसे होती है ?
22. राष्ट्रपति शासन क्या है ?
23. एकल नागरिकता से आप क्या समझते हैं ?
24. संघ सूची क्या है ?
25. लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की परिभाषा दीजिए।
26. लोकहित याचिका क्या है ?
27. समानता का अधिकार से आप क्या समझते हैं ?
28. प्रतिबद्ध नौकरशाही क्या है ? |
29. न्यायिक पुनर्रावलोकन से आप क्या समझते हैं ?
30. भारत में दलीय व्यवस्था पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

class 12th political science Question ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न )

 

31. गठबन्धन की राजनीति से आप क्या समझते हैं ?
32. गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भारत की भूमिका का परीक्षण कीजिए।
33. संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य क्या है?
34. बिहार की राजनीति में जाति की भूमिका का वर्णन करें।
35. लोकसभा के. अधिकार एवं कार्यों का वर्णन करें।
36. भारत के प्रधानमंत्री की शक्तियों का मूल्यांकन करें।
37. भारतीय राजनीति में काँग्रेस के प्रभुत्व के क्या मुख्य कारण थे?
38. भारत-पाक संबंध पर संक्षिप्त लेख लिखें।

 

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. संविधान सभा ने 1947 में एक उद्देश्य सम्बन्धी प्रस्ताव पास किया था,जिसमें उसने अपने सामने कुछ उद्देश्यों को रखा और उसी प्रस्ताव के आधर पर संविधान का निर्माण हुआ। संविधान के बनने के बाद संविधान सभा मानि प्रस्तावना सहित ही उस संविधान को स्वीकार किया। संविधान की प्रस्तावना में उन भावनाओं का वर्णन है, जो 13 दिसम्बर, 1946 को पं० जवाहरलाल नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव (Objective resolutions) के तत्व थे। उद्देश्य प्रस्ताव कहा गया है कि संविधान सभा घोषित करती है कि इसका ध्येय और दृढ़ संकल्प भारत को सर्वप्रभुत्व सम्पन्न, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाना है और इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल प्रस्तावना में किया गया है। 42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना
में संशोधन करके समाजवादी (Socialism), धर्मनिरपेक्ष (Secular) तथा अखण्डता (Integrity) के शब्दों को अंकित किया गया है।


2. संविधान किसी भी देश का लिखित नियमों का दस्तावेज है। इस संविधान में वर्णित हर बात को देश की जनता को मानना पड़ता है। जनता के द्वारा,चुने गए जन प्रतिनिधि समय और स्थिति के अनुसार इस लिखित संविधान में परिवर्तन भी करते हैं। आज के लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान की आवश्यकता विभिन्न पहलुओं के कारण आवश्यक है-

(i) यह लोगों में न केवल विश्वास जगाता है बल्कि भिन्न-भिन्न तरह के लोगों में सम्बन्ध स्थापित कर उन्हें एक साथ जीवन जीने का माहौल का निर्माण करता है।

(ii) संविधान यह स्पष्ट करता है कि सरकार का निर्माण कैसे होगा और निर्णय का अधिकार किसके हाथों में होगा।

(iii) संविधान न केवल सरकार की शक्ति का निर्धारण करता है बल्कि १ लोगों के अधिकारों को भी परिभाषित करता है ताकि एक अच्छे समाज का निर्माण हो सके।


3. मौलिक अधिकार उन आधारभूत आवश्यक तथा महत्वपूर्ण अधिकारों को कहा जाता है जिनके बिना देश के नागरिक अपने जीवन का विकास नहीं कर सकते। जो स्वतंत्रताएँ तथा अधिकार व्यक्ति तथा व्यक्तित्व का विकास करने के लिए समाज में आवश्यक समझे जाते हों, उन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है। भारतीय संविधान में सात प्रकार के मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है परन्तु 44वें संशोधन के बाद 6 तरह के मौलिक अधिकार नागरिकों को प्राप्त हैं। ये अधिकार हैं-(i) समानता का अधिकार (ii) संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार (iii) स्वतंत्रता का अधिकार (iv) शोषण के विरुद्ध अधिकार (v) संवैधानिक उपचारों का अधिकार (vi) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार।


4. क्षेत्रवाद किसी क्षेत्र विशेष के लोगों को उस प्रवृत्ति से संबंधित है जो उनमें अपने क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक अथवा राजनीतिक शक्तियोंकी वृद्धि करने के लिए प्रेरित करती है। इस दृष्टि से क्षेत्र देश का वह भू-भाग होता है जिसमें रहने वाले लोगों के समान उद्देश्य व आकांक्षाएँ होती हैं। इस प्रकार जब किसी भौगोलिक दृष्टि से पृथक् भूखंड में रहने वाले मानव समूह में धार्मिक, सांस्कृतिक भाषायी, आर्थिक-सामाजिक, राजनीतिक तथा ऐतिहासिक आदि दृष्टि से उसी प्रकार के अन्य भूखंड से पृथकता उत्पन्न हो जाती है तथा स्वयं की एकरूपता व समानता का विकास हो जाता है तब उस मानव समूह में अपने क्षेत्रों के हितों के प्रति पैदा हुई जागरूकता को क्षेत्रीयता या क्षेत्रवाद कहा जाता है।


5. शीतयुद्ध (1945-91) के समय दो अलग-अलग गुटों में शामिल देशों के बीच शक्ति का बँटवारा था। उस समय सं० रा. अमेरिका और सोवियत संघ इन दो अलग-अलग शक्ति-केद्रों के अगुआ थे। ऐसी परिस्थिति को दो ध्रुवीयता कहा गया।


6. मानव अधिकार नैतिक सिद्धांत या मानदंड हैं, जो मानव व्यवहार के कुछ मानकों का वर्णन करते हैं और नियमित रूप से नगरपालिका और अंतर्राष्ट्रीय कानून में प्राकृतिक और कानूनी अधिकारों के रूप में संरक्षित हैं। उन्हें आमतौर पर अयोग्य के रूप में समझा जाता है, मौलिक अधिकार जिसके कारण एक व्यक्ति स्वाभाविक रूप से केवल इसलिए हकदार है क्योंकि वह एक इंसान है और जो सभी मनुष्यों में निहित हैं, उनकी परवाह किए बिना राष्ट्र, स्थान, भाषा, जातीय मूल या कोई अन्य स्थिति। वे हर जगह और हर समय सार्वभौमिक होने के अर्थ में लागू होते हैं और वे सभी के लिए समान होने के अर्थ में समतावादी हैं। उन्हें सहानुभूति और कानून के शासन की आवश्यकता के रूप में माना जाता है और दूसरों के मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए व्यक्तियों पर एक दायित्व थोपना और आमतौर पर यह माना जाता है कि परिणामस्वरूप उन्हें छोड़कर नहीं जाना चाहिए।


7. भारतीय प्रधानमंत्री के चार अधिकार निम्नलिखित हैं-

(i) वह मंत्रिमण्डल का निर्माण करता है।
(ii) वह मंत्रिमंडल का संहार भी करता है।
(iii) वह राष्ट्र के प्रधान वक्ता के रूप में करता है।
(iv) प्रधानमंत्री मंत्रिण्डल और राष्ट्रपति के बीच एक कड़ी का काम करता है।


8. क्षेत्रीय पार्टी का कार्य क्षेत्र बहुत सीमित होता है। उसकी शाखाएँ किसी विशेष प्रांत या राज्य या भाग तक सीमित होती है जैसे आन्ध्र प्रदेश में तेलगु देशम या पंजाब में शिरोमणी अकाली दल, बिहार में जनता दल यूनाटेड आदि। क्षेत्रीय पार्टी का सरोकार अपने क्षेत्र के हित से होता है। हो सकता है कि ऐसी पार्टी राष्ट्रीय हित की उपेक्षा करके अपनी क्षेत्रीय हित के लिए संघर्ष करें।


9. सुरक्षा परिषद् में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें 5 स्थायी सदस्य तथा 10
अस्थायी सदस्य होते हैं। प्रक्रिया सम्बन्धी विषयों (Procedural matters) पर कोई
निर्णय तभी लिया जाएगा जब 15 में से 9 सदस्यों के सकारात्मक मत होंगे परंतु
अन्य महत्त्वपूर्ण मामलों में जिनमें आर्थिक या सैनिक कार्यवाही शामिल है, किसी
निर्णय के लिए पाँचों स्थायी सदस्यों का मत भी अनिवार्य है। इस प्रकार किसी
भी स्थायी सदस्य का नकारात्मक मत होने की स्थिति में सुरक्षा परिषद् कोई सक्षम
कार्यवाही नहीं कर सकेगी। इसी को निषेधाधिकार (Veto) कहा गया है।


10. जल प्रदूषण के निम्नलिखित कारण है-

(i) जल में मृत, जन्तु, मलमूत्र, कूड़ा-करकट आदि फेंकने से जल प्रदूषणहोता है।

(ii) औद्योगिक कारखानों के गंदे अवशिष्ट उत्पादन का नदियों में जानेसेपहले जल प्रदूषित हो जाता है।

(iii) आण्विक तथा नाभिकीय ऊर्जा के प्रयोग से रेडियो सक्रिय पदार्थ जल को प्रदूषित कर देता है।

(iv) वर्षा के जल के साथ फसलों पर डाले गए कीटनाशक पदार्थ, मिट्टी में मिलने से अन्य हानिकारक तत्व भी जलाशयों में पहुँचते हैं, जिससे जल प्रदूषित हो जाता है।


11. आधुनिक बांग्लादेश 1971 से पूर्व पाकिस्तान का एक भाग था। 1971 में वहाँ गृह युद्ध शुरू हो जाने के कारण लाखों की संख्या में शरणार्थी भारत आये। भारत ने मानवीय आधार पर उनको शरण दी। इसके विरोधस्वरूप पाकिस्तान ने 3 दिसंबर, 1971 को भारत के हवाई अड्डों पर धावा बोल दिया। भारतीय सेना ने बड़े वेग से जवाबी कार्यवाही की। पाकिस्तान युद्ध हार गया और उसका पूर्वी बंगाल का भाग स्वतंत्र होकर बांग्लादेश के रूप में उदित हुआ। युद्ध के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए 3 जुलाई, 1972 को दोनों देशों के प्रधानमंत्री के बीच शिमला में एक समझौता हुआ। दोनों देशों ने यह करार किया कि भारत व पाकिस्तान के बीच डाक-तार सेवा फिर से चालू की जाएगी
तथा आर्थिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में दोनों राष्ट्र एक-दूसरे की मदद करेंगे।


12. आर्थिक न्याय से तात्पर्य समाज में बराबरी का प्रयास करना है। किसी के पास अकूत संपत्ति न हो। कोई भूखमरी से न मरे। सर्वत्र आर्थिक बराबरी हो। मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सभी नागरिकों को हो। यही आर्थिक न्याय है।


13. द्वितीय पंचवर्षीय योजना में भारी उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया। पहली योजना का मूलमंत्र था धीरज, लेकिन दूसरी योजना की कोशिश तेज गति से संरचनात्मक बदलाव करने की थी। इसके लिए हरसंभव दिशा में बदलाव की बात तय की गई थी। सरकार ने देशी उद्योगों को संरक्षण देने के लिए आयात पर भारी शुल्क लगाया। संरक्षण की इस नीति से निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद मिली।


14. दक्षेस (SouthAsian Association of Regional Co-operation-SAARC) आठ दक्षिण एशियाई देशों का समूह है। इसका 16वाँ शिखर सम्मेलन भूटान की राजधानी थिम्पू में 28-29 अप्रैल, 2010 को संपन्न हुआ। इस संगठन में भारत, भूटान, अफगानिस्तान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका एवं बांग्लादेश सदस्य हैं। इसकी स्थापना 8 दिसंबर, 1985 में हुई थी।


15. गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-aligned Moverment)-द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद उपनिवेशवाद की समाप्ति और नए स्वतंत्र राष्ट्रों के अस्तित्व में आने को साथ कई समस्या पैदा हुई। यह समस्या थी इन नवगठित राष्ट्रों के आर्थिक एवं राजैतिक विकास की। शीत युद्ध काल में इन नवोदित राष्ट्रों की रुचि किसी भी गुटबाजी से दूर रहकर अपने आर्थिक एवं राजनैतिक ढाँचे के विकास में थी। समान रुचि के रहते इन विकासशील देशों के नेताओं ने एक समर्थक की नीति के बारे में सोचना शुरू किया। 1955 ई. के बाडुग सम्मेलन में पहली बार इस आशय के प्रस्ताव की घोषणा की गयी। 1956 ई. में भारत के प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू, यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति मार्शल टीटो और मिन के राष्ट्रपति अब्दुल नासिर, तीनों ने मिलकर सत्र में यही बात दोहराई और उनके प्रयासों से 1961 ई. में प्रथम गुटनिपेक्ष आन्दोलन बेलग्रेड में सम्पन्न हुआ। आन्दोलन की सफलता इस बात में है कि 1961 ई. में इसकी सदस्य 25 थी जो अब बढ़कर 116 है।


16. भूमण्डलीकरण एक बहुआयामी अवधारणा है जो मूलतः अर्थव्यवस्था से संबंधित है। सी. रंगराजन के अनुसार भूमण्डलीकरण का अभिप्राय आर्थिक व्यवस्था के विभिन्न पक्षों में समन्वय है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अर्थव्यवस्थाओं तथा समाज के बीच सूचना, विचारों, तकनीकों, वस्तुओं और सेवाओं तथा वित्त के बीच समन्वय की प्रक्रिया के साथ भूमण्डलीकरण संबंधित है। विभिन्न देशों के लोग तथा समाज उस प्रक्रिया से जुड़े हैं। गिडेन्स के अनुसार भूमण्डलीकरण को समय तथा स्थान के आधार पर परिभाषित किया जा सकता है।

भूमण्डलीकरण के तीन प्रमुख प्रेरक हैं- 1. बाजार की खोज, 2. बहुराष्ट्रीय निवेश तथा 3. प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्प्यूटर नेटवर्क।


17. पंचायत समिति के प्रमुख के निम्नलिखित कार्य है

(i) पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए वार्षिक योजना तथा वार्षिक बजट तैयार करना।
(ii) प्राकृतिक विपदा में सहायता करने का कार्य।
(ii) सार्वजनिक सम्पत्ति से अतिक्रमण हटाना और
(iv) स्वैच्छिक श्रमिकों को संगठित करना और सामुदायिक कार्यों मेंस्वैच्छिक सहयोग करना।


18. नगर पंचायत के तीन कार्य निम्नलिखित हैं-

(i) नगर क्षेत्र की नालियों, पेशाबखाना, शौचालय आदि का निर्माण करना एवं उसकी देखभाल करना।
(ii) कूड़ा-कर्कट तथा गंदगी की सफाई करना।
(iii) पीने के पानी का प्रबंध करना।


19. राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों का वर्णन संविधान के 18वें भाग में किया गया है। निम्नलिखित तीन प्रकार की अवस्थाओं में राष्ट्रपति को आपातकालीन की घोषणा करने का अधिकार प्राप्त है-

(i) युद्ध, विदेशी आक्रमण अथवा सशस्त्र विद्रोह से उत्पन्न संकट।
(ii) किसी राज्य में संवैधानिक मशीनरी के फेल हो जाने के कारण बने आकस्मिक संकट।
(iii) देश में आर्थिक वित्तीय संकट के कारण उत्पन्न परिस्थिति।


20. प्रकृति और मानव का संबंध आदिकाल से है। आज औद्योगीकरण के साथ-साथ पर्यावरण की समस्या भी जटिल होती जा रही है। प्रदूषण अनेक प्रकार के होते हैं। जैसे-वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण एवं रेडियोधर्मी प्रदूषण। इसके कारण तापमान में वृद्धि, आर्कटिक के आकार में बदलाव, ओजोन क्षरण आदि घटनाएं हो रही हैं। ऐसी स्थिति में पर्यावरण संरक्षण में विश्व के राज्यों की भूमिका और दायित्व बढ़ जाती है। पर्यावरण की सुरक्षा के प्रश्न पर उत्तर एवं दक्षिण के विभिन्न राज्यों के बीच मतभिन्नताएँ हैं जिससे चिन्ताएँ बढ़ती जा रही हैं। 1960 के दशक से प्रारंभ पर्यावरण संबंधी विभिन्न मसलों ने आज विश्व राष्ट्रों को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पर्यावरण के सरंक्षण का भरपूर उपाय नहीं किए गए तो विश्व के राष्ट्रों का अकथनीय विपदाओं का सामना करना पड़ेगा।


21. केन्द्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति के द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति की जाती है। राज्यपाल की नियुक्ति के लिए आवश्यक है कि राष्ट्रपति राज्य के मुख्यमंत्री से परामर्श ले जिससे राज्य में संवैधानिक व्यवस्था बनी रहे। राज्यापल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है


22. राष्ट्रपति शासन में भारत में शासन के संदर्भ में उस समय प्रयोग किया जानावाला एक पारिभाषिक शब्द है, जब किसी राज्य को भंग या निलंबित कर दिया जाता है और राज्य प्रत्यक्ष संघीय शासन के अधीन आ जाता है। भारत के संविधान का अनुच्छेद-356, केन्द्र की संघीय सरकार को राज्य संवैधानिक तंत्र को विफलता या संविधान के स्पष्ट उल्लंघन की दिशा में उस राज्य सरकार की बर्खास्त कर उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का अधिकार देता है।


23. एकल नागरिकता से अभिप्राय यह है कि संपूर्ण राज्य में नागरिकों को एक ही नागरिकता प्राप्त होती है। वह राज्य के किसी भी भाग में बस सकते हैं। कुछ संघात्मक राज्यों में प्रत्येक व्यक्ति को दो नागरिकता प्राप्त होती हैं। एक तो वह अपने इकाई राज्य का नागरिक होता है और साथ ही साथ पूरे देश की नागरिकता भी प्राप्त रहती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में दोहरी नागरिकता मिलती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्येक नागरिक संयुक्त राज्य अमेरिका का नागरिक होने के साथ-साथ अपने उस राज्य की नागरिकता भी प्राप्त करता है, जिसका निवासी है।


24. भारतीय संविधान के अनुसार संघ व राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा किया गया है। दोनों के अधिकारों को संघ सूची, सेज्य सूची तथा समवर्ती सूची में बाँटा गया है। इनमें से संघ सूची में 97 विषय दिए गए हैं। इन पर संसद की कानून बनाने का अधिकार होता है। इस सूची के कुछ प्रमुख विषय है। प्रतिरक्षा, परमाण्विक ऊर्जा, विदेश मामले, रेलवे, डाक-तार, वायु सेवा, बंदरगाह, विदेश व्यापार तथा मुद्रा आदि।


25. लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण एक राजनीतिक अवधारणा है। लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण प्रक्रिया के माध्यम से सत्ता ऊपर से नीचे तक फैली हुई है। इस प्रकार, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का अर्थ है सत्ता का विकेंद्रीकरण। जिस स्रोत से यह शक्ति विकेंद्रीकृत है वह लोकतांत्रिक संरचना पर आधारित है और इसलिए, ऐसे विकेंद्रीकरण को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण कहा जाता है। लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का मुख्य उद्देश्य सरकार की शक्ति संरचना के बारे में पारंपरिक दृष्टिकोण में मूलभूत परिवर्तन लाना है।


26. लोकहित याचिका (PIL) सीधे सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों और न्यायिक सदस्य में किसी व्यक्ति या समूह द्वारा दायर की जाती है। याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को मुकदमेबाजी में कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं होनी चाहिए, यह याचिका केवल अदालत द्वारा स्वीकार की जाती है, अगर इसमें जनता का हित शामिल हो। आम तौर पर यह याचिका एक सार्वजनिक उत्साही व्यक्ति या संगठन द्वारा दायर की जाती है, अगर यह महसूस किया गया था कि सरकार द्वारा कुछ हितों को कम करके आंका गया है। ऐसी स्थिति में न्यायालय सीधे लोकहित याचिका को स्वीकार करता है। यह एक नया कानूनी क्षितिज है जिसमें कानून की अदालत महत्वपूर्ण जनहित याचिका की सेवा और सुरक्षित करने के लिए कार्रवाई शुरू और लागू कर सकती है।


27. समानता के अधिकार से तात्पर्य है कि सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर प्राप्त हो। कानून की दृष्टि से सभी समान है। भारत का सविधान धर्म, लिंग, जाति या जन्म स्थान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता। समान अपराध के लिए समान दंड दिया जाएगा। सभी के लिए शिक्षा व रोजगार के समान अवसर उपलब्ध होंगे। सभी को सार्वजनिक स्थानों का बिना भेदभाव के प्रयोग करने का अधिकार है। समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रावधान है। सभी उपाधियों को समाप्त कर दिया गया है।


28. जब नौकर खानदानी तौर पर अपनी सेवा दे रहे हो तो उसे प्रतिबद्ध नौकरशाही कहा जाता है। जैसे जमींदारों के यहाँ नौकर का पिता, पुत्र एवं पौत्र पौढ़ी दर पीढ़ी सेवा प्रदान करे तो वह प्रतिबद्ध नौकरशाही है।


29. भारतीय सर्वोच्च न्यायालय को न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार प्राप्त है। न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति का आधार साँवधान की सर्वोच्चता के सिद्धांत पर आधारित है। संविधान के अनुच्छेद 131 तथा 132 सर्वोच्च न्यायालय को न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार प्रदान करते है कि यह संघीय तथा राज्य सरकारों द्वारा निर्मित विधियों का पुनर्विलोकन कर उनकी संविधानिकता की जाँच कर सकता है। ऐसे ही, संविधान के अनुच्छेद 13 तथा 32 भी मूल अधिकारों के संबंध में सर्वोच्च नयायालय को इस प्रकार की शक्ति प्रदान करते हैं। इनके अलावा, सावधान के अनुच्छेद 246 भी सर्वोच्च न्यायालय को न्यायिक पनर्विलोकन है निर्धारित सीमा का उल्लंघन हुआ हो तो सर्वोच्च न्यायालय ऐसे कानून को असंवैधानिक घोषित कर सकता है।


30. भारत में बहुदलीय व्यवस्था का प्रावधान है। बहुदलीय व्यवस्था के अनुसार यहाँ पर बहुत ही दलों का संगठन है। भारत में किसी एक दल का वर्चस्व नहीं है। चुनाव के दरम्यान बहुत दलों के नेता निर्वाचन में भाग लेते हैं। जिस ‘दल को ज्यादा मत प्राप्त होता है वही सत्तारूढ़ होते हैं और जिसको सत्तारूढ़ दल से कम मत प्राप्त होता है उसे विपक्षी दल की मान्यता दी जाती है।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

31. भारत में एकदलीय प्रभुत्व प्रणाली पर पहला आघात 1967 में हुआ जब कई राज्यों में गैर कांग्रेसी गठबंधन सरकार स्थापित की गर्यो। 1977 में राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति का पुनः प्रयोग परिवर्तित रूप में किया गया। विभिन्न विचारधाराओं और नेतृत्वों पर आधारित राजनीतिक दलों को मिलाकर जनता पार्टी का गठन किया गया। जनता पार्टी तकनीकी रूप में एक दल था किन्तु व्यवहारतः यह एक गठबंधन ही था। यह प्रयोग भी असफल रहा।

1989 के बाद भारतीय राजनीति में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। कांग्रेस दिनों-दिन कमजोर होती चली गई। दूसरी ओर भाजपा की लोकप्रियता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई । राज्यों में क्षेत्रीय दलों का भी विकास होने लगा। बिहार में राजद, जद (यु), उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी तथा बसपा, आंध्रप्रदेश में तेलगुदेशम, पंजाब में अकालीदल, महाराष्ट्र में शिवसेना आदि क्षेत्रीय दल प्रभावी स्थिति में आ गये। कांग्रेस का बार-बार विघटन होने लगा। कांग्रेस के परम्परागत वोट बैंक ब्राह्मण, हरिजन तथा अल्पसंख्यक में भी दरार पैदा हो गया।

इन समस्त परिस्थितियों का प्रभाव पड़ा कि कोई भी दल अपने बलबूते सरकार बनाने की स्थिति में नहीं रहा। इस कारण गटबंधन राजनीति का दौर प्रारंभ हुआ।

इस दौर में भी पहला प्रयास अल्पमत सरकारों के गठन का किया गया। इसमें बाहा समर्थन के आधार पर सरकार बनाई गई।

अल्पमत सरकारों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह थी कि बाह्य समर्थन देनेवाला दल जहाँ समर्थन दिये जाने का मूल्य वसूलता था वहाँ उत्तरदायित्व के निर्वाह से साफ बच निकलता था। अतः ऐसी आवश्यकता महसूस की गई कि समर्थन देने वाली सभी पार्टियाँ मिलकर सरकार बनाएँ। वे साथ रहकर सामूहिक दायित्व का निर्वाह करें।

गठबंधन सरकार के सफल संचालन का प्रथम श्रेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिया जा सकता है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एन. डी. ए.) के नाम से उन्होंने सरकार बनाई जो करीब 5 वर्षों से अधिक तक चलती रही। इसे देखकर कांग्रेस ने भी गठबंधन राजनीति से जुड़ने का निर्णय लिया। उसके नेतृत्व

में गठित संयुक्त प्रगतिशील मोर्चा (संप्रग) अपना कार्यकाल पूरा किया और फिर 2009 में सरकार बनी। मनमोहन सिंह इस सरकार के प्रधानमंत्री हैं।

इस प्रकार भारतीय राजनीति गठबंधन को राजनीति के दौर से गुजर रही है। लोकसभा का अगला चुनाव भी दोनों गठबंधनों के बीच हुआ। गठबंधन की रक्षा, सरकार को बचाये रखना, गठबंधन हेतु नये सहयोगियों की खोज, राजनीति प्रक्रिया का मुख्य आयाम हो जाता है।

भविष्य में उम्मीद की जाती है कि गठबंधन राजनीति द्विध्रुवीय राजनीति के रूप में स्थायी रूप ले सकेगा। ऐसा होने पर संसदीय व्यवस्था मजबूत होगी।


32. गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-aligned Movernet)-द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद उपनिवेशवाद की समाप्ति और नए स्वतंत्र राष्ट्रों के अस्तित्व में आने को साथ कई समस्या पैदा हुई। यह समस्या थी इन नवगठित राष्ट्रों के आर्थिक एवं राजनैतिक विकास की। शीत युद्ध काल में इन नवोदित राष्ट्रों की रूचि किसी भी गुटबाजी से दूर रहकर अपने आर्थिक एवं राजनैतिक ढाँचे के विकास में थी। समान रूचि के रहते इन विकासशील देशों के नेताओं ने एक समर्थक की नीति के बारे में सोचना शुरू किया। 1955 ई. के बाहुँग सम्मेलन में पहली बार इस आशय के प्रस्ताव की घोषणा की गयी। 1956 ई. में भारत के प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू, यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति मार्शल टीटो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल नासिर, तीनों ने मिलकर सत्र में यही बात दोहराई और उनके प्रयासों से 1961 ई. में प्रथम गुटनिपेक्ष आन्दोलन बेलग्रेड में सम्पन्न हुआ। आन्दोलन को सफलता इस बात में है कि 1961 ई. में इसकी सदस्य 25 थी जो अब बढ़कर 116 है।

भारत ने विश्व शाति और अन्तर्राष्ट्रीय समृद्धि के लिए लगातार प्रयास किए। अपनी विदेश नीति में भारत ने गुट निरपेक्षता की नीति को विशेष स्थान प्रदान किया। भारत ने दोनों विश्व के दोनों खेमों अमेरिका और सोवियत रूस से संबंध बनाकर आर्थिक विकास के मार्ग में आगे बढ़ा।

(i) सैनिक गुटों का विरोध (Opposition of the Military Alliances)-इस समय विश्व में बहुत सैनिक गुट बन रहे हैं। जैसे नाटो, सोटो सैण्टो आदि। भारत का हमेशा यह विचार रहा है कि ये सैनिक गुट बनने से युद्ध की संभावना बढ़ जाती है और ये सैनिक गुट विश्व शाति में बाधक हैं। अत: भारत ने हमेशा इन सैनिक गुटों को कंवल आलोचना ही नहीं कि बल्कि इनका पूरी तरह से विरोध किया है।

(ii) निशस्त्रीकरण में सहायता (Support of Disarmament)-संयुक्त राष्ट्र संघ ने निशस्त्रीकरण के प्रश्न को अधिक महत्त्व दिया है तथा इस समस्या को हल करने के लिए बहुत ही प्रयास किये हैं। भारत ने इस समस्या का समाधान करने के लिए हमेशा संयुक्त राष्ट्र संघ की मदद की है क्योंकि भारत का यह विश्वास है कि पूर्ण निशस्त्रीकरण के द्वारा ही संसार में शांति की स्थापना हो सकती है।

(iii) जातीय भेदभाव का विरोध (Opposition of the Policy of Discriminations based on Caste. Creed and Colour)-भारत ने अपनी विदेश नीति के आधार पर जातीय भेदभाव को समाप्त करने का निश्चय किया है। जब संसार का कोई भी देश जाति प्रथा के भेद को अपनाता है तो भारत सदैव उसका विरोध करता है। दक्षिणी अफ्रीका ने जब तक जातीय भेदभाव की नीति को अपनाया तो भारत ने उसका विरोध किया और अब भी कर रहा है।

इंडोनेशिया में दस शिखर सम्मेलन में अधिकतर सदस्यों ने गुट-निरपेक्ष आंदोलन को जारी रखने पर जोर दिया और इसके उद्देश्य में परिवर्तन करने का कहा। गुट निरपेक्ष आंदोलन अभी भी प्रासंगिक है।

(a) नवोदित राष्ट्रों का संगठन होने के कारण इसकी प्रासंगिकता अभी भीहै। इन राष्ट्रों का आर्थिक विकास और उनका राजनीतिक विकास था परस्पर सहयोग पर निर्भर है।

(b) वर्तमान महाशक्ति अमेरिका के प्रभाव से मुका रहने के लिए निर्गुट-राष्ट्रोंका आपसी सहयोग और भी अधिक आवश्यक है।

(c) गुट निरपेक्ष आंदोलन अमेरिका, यूरोप तथा जापान जैसे पूँजीवादी देशों से उनकी रक्षा के लिए आवश्यक है।

(d) गुट निरपेक्ष आंदोलन के माध्यम से निशस्त्रीकरण की आवाज उठाई जा रही है। जो गुट निरपेक्ष देशों को सुरक्षा प्रदान करती है

(e) अधिकतर गुट निरपेक्ष देश विकासशील या अविकसित हैं। सभी को आर्थिक समस्याएँ समान हैं। अतः आपसी सहयोग से हो आर्थिक उन्नति की जा सकती है।


33. संयुक्त राष्ट्र एक ऐसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जिसको स्थापना युद्ध को रोकने, आपसी शान्ति और भाईचारा स्थापित करने तथा जन्म-कल्याण के कार्य करने के लिए की गई। आजकल संसार के छोटे बड़े लगभग 193 देश इसके सदस्य हैं। इस संस्था को विधिवत् स्थापना 24 अक्टूबर, 1945 ई. को हुई और इस संस्था का मुख्यालय न्यूर्योक अमेरिका में है।

संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्य- संयुक्त राष्ट्र को प्रस्तावना से ही संगठन के सामान्य उद्देश्यों की झलक मिल जाती है। लेकिन, प्रस्तावना से संयुक्त राष्ट्र के संपूर्ण उद्देश्यों की विवेचना नहीं हो पाती है। चार्टर के अनुच्छेद । में इसकीसम्यक व्यवस्था कर दी गई है। अनुच्छेद । में वर्णित संयुक्त राष्ट्र के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य हैं-

(i) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की स्थापना- संयुक्त राष्ट्र का प्रथम उद्देश्य मानव जाति को युद्ध को भर्यकरता से मुक्ति प्रदान करता और विभिन्न राष्ट्रों के पारस्परिक विवादों को न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय विधियों के आधार पर शातिमय ढंग से हल करना है। गुइसपीड का कहना है कि “यह संयुक्त राष्ट्र का प्राथमिक उद्देश्य है।” कोई भी अंतर्राष्ट्रीय संगठन तब तक अपने उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर सकता जब तक विश्व में शांति और सुरक्षा का वातावरण नहीं हो। इसीलिए, यह कहा गया है कि शांति भंग होने की वास्तविक स्थिति तथा आक्रमण से पूर्व यह विभिन्न शांतिमय तरीकों द्वारा विवादों का निपटारा कराने का प्रयास करेगा। चार्टर के अनुच्छेद 6 में इसकी व्यवस्था कर दी गई है। चार्टर का अनुच्छेद 2 शाति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए सदस्य राज्यों को अनुदेशित करता है कि ” सदस्य राज्य अपने विवादों को शांतिमय ढंग से सुलझाने का इस प्रकार प्रयास करेंगे जिससे अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा तथा न्याय को किसी प्रकार का खतरा न हो।”

(ii) मैत्रीपूर्ण संबंध में वृद्धि- संयुक्त राष्ट्र का द्वितीय महत्त्वपूर्ण उद्देश्यसमस्त राष्ट्रों में मैत्री संबंधों की वृद्धि करना है तथा सभी छोटे-बड़े राज्यों को समानता का अधिकार देकर आत्मनिर्णय के सिद्धांत का पालन करना है।

(iii) अंतर्राष्ट्रीय सहयोग- संयुक्त राष्ट्र का तीसरा उद्देश्य यह है कि राष्ट्रों के सभी प्रकार की (आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मानवतावादी) अंतर्राष्ट्वादी समस्याओं का समाधान सभी राष्ट्रों के सहयोग से किया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने के उद्देश्य से ही संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंग के रूप में आर्थिक और सामाजिक परिषद की स्थापना की गई। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, विश्व स्वास्थ संगठन, विश्व बैंक आदि विभिन्न विशिष्ट अभिकरणों की स्थापना भी इसी उद्देश्य से की गई है। राष्ट्रसंघीय संविदा में आर्थिक और सामाजिक सहयोग पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जोर नहीं दिया गया था। संविदा के अंतर्गत इन कार्यों को समितियों तथा आयोगों के जिम्मे सौंपा गया था। संयुक्त’ राष्ट्र की तरह संविदा में मानव अधिकारों का भी उल्लेखक नहीं किया गया धा। लेकिन, आलोचकों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार तथा मौलिक स्वतंत्रताओं का उल्लेख तो अवश्य करता है, लेकिन इनको कार्यान्वित करने के लिए किसी साधन की व्यवस्था नहीं करता।

(iv) सामंजस्य- संयुक्त राष्ट्र का चौथा उद्देश्य है कि इस अंतराष्ट्रीयसं गठन को एक ऐसा केन्द्र बनाया जाए जो सामान्य उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सभी राष्ट्रों में पारस्परिक सहयोग और सामंजस्य स्थापित करने में सफल होसके।


34. कहा जाता है कि सामुदायिक समाज की संरचना का आधार जाति है क्योंकि एक जाति के लोग ही स्वाभाविक समुदाय का निर्माण करते हैं। इन समुदायों के लोगों के समान हित होते हैं। दूसरे अन्य समुदाय के हितों से उनका हित भिन्न होता है। जाति हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। राजनीति में जाति के अनेक पहलू हो सकते हैं

(i) निर्वाचन के वक्त पार्टी प्रत्याशी तय करते समय जातीय समीकरण का ध्यान जरूर , रखती है। चुनाव क्षेत्र में जिस जाति विशेष की मतदाताओं को संख्या सबसे अधिक होती है, पार्टियों उस जाति के हिसाब से प्रत्याशी तय करती हैं ताकि उन्हें चुनाव जीतने के लिए जरूरी बोट मिल जाए। सरकार गठन के समय भी जातीय समीकरण को ध्यान में रखा जाता है।

(ii) राजनीतिक पार्टियाँ जीत हासिल करने हेतु जातिगत भावना कोभड़काने की कोशिश करती हैं। कुछ दल विशेष की पहचान भी जातिगत भावना के आधार पर हो जाती है।

(iii) निर्वाचन के समय पार्टियाँ बोटरों के बीच साख बनाने हेतु अपना चेहरा स्वच्छ और जाति भावना से ऊपर बनाने की कोशिश करती हैं।

(iv) दलित और नीची जातियों का भी महत्त्व निर्वाचन के समय बद जाता है। उच्च वर्ग या जाति के उम्मीदवार भी नीची जातियों के सम्मुख नम्र भावना से जाते हैं और उनके मत हासिल करने हेतु अनुनय-विनय करते हैं। इन अवसरों पर नीची जातियों में भी आत्म गौरव जागृत होता है और स्वाभिमान जगता है अर्थात् इन जातियों में राजनीतिक चेतना के सुअवसर प्राप्त होते हैं।


35. लोकसभा का अधिकार एवं कार्य :

(i) लोकसभा संघ की सूची के विषयों पर कानून बनाती है। संसद में कोई विधेयक लोकसभा और राज्य सभा दोनों में अलग-अलग पारित किया जाता है, तभी राष्ट्रपत्ति उस पर हस्ताक्षर करता है। उसके बाद वह विधेयक कानून बन जाता है।

(ii) वित्त विधेयक लोकसभा में ही प्रस्तावित किए जाते हैं तथा अंतिम रूप से इसी के द्वारा पास किए जाते हैं।
(iii) लोकसभा राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में लेती है।
(iv) लोकसभा में बहुमत दल के नेता को राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री बनाया जाता है।
(v) लोकसभा लोगों की सभा है। लोगों के कल्याण के लिए यहाँ अनेक प्रस्ताव पास किए जाते हैं।
(vi) लोकसभा मंत्रिमंडल पर नियंत्रण रखती है। वह उसके प्रति अविश्वास – का प्रस्ताव भी पारित कर सकती है, जिससे मंत्रिमण्डल को त्याग-पत्र देना पड़ता है। इसके अतिरिक्त निन्दा प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव लाकर, प्रश्न पूछकर लोकसभा मंत्रिमण्डल पर नियंत्रण रखती है।
(vii) राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने का अधिकार संसद को है। इस प्रकार लोकसभा इस कार्य में भी राज्यसभा की सहभागी है। वह सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को भी उनके पद से हटा सकती है।


36. भारत के प्रधानमंत्री के निम्नलिखित प्रमुख कार्य और अधिकार हैं

1. वह मंत्रिमण्डल का निर्माण करता है – प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल का सृजन करता है, उसे जीवन और गति प्रदान करता है। व्यवहारिक रूप में प्रधानमंत्री हो अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों की सूची तैयार करता है जिसकी सिर्फ औपचारिक स्वीकृति राष्ट्रपति से उसे लेनी पड़ती है। मंत्रिमण्डल के सदस्यों के बीच बि कार्यों का बँटवारा भी वही करता है। वह विभिन्न विभागों के कार्यों का करता है और विभागों के बीच मतभेद होने पर मध्यस्थता करता है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री का मत ही निर्णायक माना जाता है। वास्तव में, “प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल रूपी टीम का कप्तान है।”

2. मंत्रिमण्डल का संहार भी करता है- प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल का संहारक समझा जाता है। राष्ट्रीय प्रणाली में सामूहिक उत्तरदायित्व को भावना काम करती है। ऐसा कहा जाता है-“यों तो मंत्रिमण्डल के सदस्य एक साथ तैरते या एक साथ डूबते हैं।” संसद में मंत्रिमण्डल के एक मंत्री के विरुद्ध यदि अविश्वास का प्रस्ताव पास हो जाता है तो ऐसी स्थिति में पूरा मंत्रिमण्डल समाप्त हो जाता है मतभेद की स्थिति में प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल के किसी भी सदस्य को इस्तीफा देने के लिए बाध्य कर सकता है। इन्हीं सब कारणों से कहा जाता है कि “प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल रूपी मेहराब की आधारशिला है।” वह “मंत्रिमण्डल के जीवन-निर्माण और मृत्यु का केन्द्र बिन्दु है।”

3. राष्ट्र के प्रधान वक्ता के रूप में प्रधानमंत्री राष्ट्र का विश्वास- प्राप्त नेता होता है। उसका भाषण राष्ट्र का प्रधान और अन्तिम वक्ता के रूप में माना जाता है। देश को आन्तरिक वैदेशिक नीतियों के निर्धारण में प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त किया गया विचार अन्तिम विचार माना जाता है।

4. अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि के रूप में- प्रधानमंत्री अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य करता है। वह अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व
करता है।

5. प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल और राष्ट्रपति के बीच एक कड़ी का काम करता है- प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल के द्वारा लिये गये या भविष्य में लिए जाने वाले निर्णयों से राष्ट्रपति को अवगत कराता है और उस सम्बन्ध में प्रकट की गयी राष्ट्रपति को राय को मंत्रिमण्डल के बीच रखता है। मंत्रिमण्डल और राष्ट्रपति के बीच सामंजस्य स्थापित करने के सिलसिले में प्रधानमंत्री अधिक सहायक और उपयोगी साबित होता है।

6. लोकसभा के नेता के रूप में- संसद के बहुमत प्राप्त दल के नेता होने के कारण प्रधानमंत्री लोकसभा का भी प्राय: नेता होता है। लोकसभा का नेता होने के कारण वह सम्पूर्ण राष्ट्र का नेता माना जाता है। वह आत्यधिक सम्मान और प्रतिष्य का पात्र होता है।

7. महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का अधिकार- वैधानिक रूप से जिन नियुक्तियों को करने का अधिकार राष्ट्रपति को दिया गया है, वे वस्तुत: प्रधानमंत्री के हो अधिकार होते हैं। राष्ट्रपति के नाम से की जाने वाली प्रायः सभी नियुकिायों में प्रधानमंत्री की ही प्राथमिकता रहती है।

8. विधेयक और नीतियों के निर्धारण का अधिकार- मंत्रिमण्डल के द्वारा संसद में जो विधेयक प्रस्तुत किया जाता है, उसमें प्रधानमंत्री का प्रमुख हाथ रहता है। देश की नीतियों का विश्लेषण और स्पष्टीकरण प्रधानमंत्री ही करता है।

9. लोकसभा को भंग करने का परामर्श मी प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को देता है। यक

10. राज्यसभा के अन्तर्गंत मनोनीत किए जाने वाले सदस्यों का निश्चय भी प्रायः प्रधानमंत्री ही करता है।

11. राष्ट्रपति भारत रत्न, पविभूषण, पद्मश्री, वीरचक्र, परमवीर चक्र आदि माधियों के वितरण में भी प्रधानमंत्री का परामर्श लेता है।

12. अन्याय अधिकार- आपातकालीन अवस्था में प्रधानमंत्री युद्ध वा शान्ति को मोषणा भी कर सकता है। इस तरह प्रधानमंत्री की स्थिति बिल्कुल ही एक निरंकुश शासक की तरह जब तव उसे संसद का विश्वास प्राप्त है। इसीलिए ग्लैडस्टयेन ने कहा था कि “कहीं भी छोटे पदार्थ को इतनी बड़ी छाया नहीं देखी गयी है।” जेनिंग्स का कथन भी सही है कि “He is sun round which planets revolve.”


37. स्वतंत्र भारत के प्रथम आम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की जीत सुनिश्चित थी। इसका कारण था कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की भूमिका काफी सराहनीय थी। परिणामस्वरूप 1952 के आम चुनाव में कुल 489 सीटों में 364 सीटें काँग्रेस पार्टी ने जीती।

1957 में देश का दूसरा आम चुनाब हुआ। इस आम चुनाव में भी लोकसभा के लिए निर्धारित 494 स्थानों में कांग्रेस को 371 स्थान प्राप्त हुए। इतनी बड़ी संख्या में लोक सभा में काँग्रेस की जीत से काँग्रेसी नेता काफी खुश थे और ऐसा लगने लगा कि अगले कई दशकों में कांग्रेस के प्रभुत्व में शायद ही कमी आए। लेकिन धीरे-धीरे काँग्रेस के प्रभुत्व में कमी आती गई। 1962 के आम चुनावों में भी लोकसभा के 494 स्थानों में काँग्रेस को 361 स्थान मिले। उल्लेखनीय है कि इन तीनों आम चुनावों मे काँग्रेस पार्टी भारतीय राजनीति पर हावी रही।


38. भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति एवं मित्रता का संबंध बनाए रखना चाहता है। भारत की स्वतंत्रता के साध ही पाकिस्तान का जन्म एक पड़ोसी के रूप में हुआ। अपने पड़ोसी देशों से मधुर संबंध रहे तो संबंधित राज्य मानसिक चिंताओं और तनाव के वातावरण से मुक्त होकर अपने साधनों का इस्तेमाल विकास संबंधी कार्यों में लगा सकता है। भारत के पड़ोसी राज्यों से लगभग अच्छे हैं। चीन के साथ हमारे सीमा विवाद का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। पाकिस्तान के साथ बनते-बिगड़ते संबंधों के चलते हमारी परेशानियां बढ़ी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों में भारत अपने पड़ोसियों के साथ शांति और मित्रता से रहना चाहता है। आकार और जनसंख्या में बड़ा होने पर भी वह छोटे देशों के साथ समानता के आधार पर सहयोग करना चाहता है। भारत पाकिस्तान के मध्य संबंधों में कटुता विद्यमान है, ये समस्याएँ निम्नलिखित हैं

(i) कश्मीर का मामला
(ii) शरणार्थियों का प्रश्न
(iii) आतंकवाद
(iv) नहर पानी विवाद
(v) ऋण की अदायगी का प्रश्न।

ये ऐसी समस्याएँ है जिसके चलते दोनों के बीच काफी उग्रता उत्पन हुई हैं पाकिस्तान ने तोड़-फोड़ जासूसी सीमा अतिक्रमण, आदि कार्यवाहियों के अलावा 1947, 1965 और 1971 में आक्रमण भी किया।

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